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Durga Visarjan 2025: एनजीटी व सरकार तय करे नियम, फिर गंगा में प्रतिमा विसर्जन की दे अनुमति

Mon, 22 Sep 2025 12:03 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Durga Visarjan 2025: पूजा पंडाल समितियों ने मूर्ति विसर्जन को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। समितियों ने कहा कि एनजीटी व सरकार नियम तय करे, फिर गंगा में प्रतिमा विसर्जन की अनुमति दे। 
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अमर उजाला संवाद में पूजा समितियों ने साझा किए अपने विचार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिव की नगरी काशी में शक्ति की आराधना की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पूजा पंडाल समितियां फिलहाल माता की प्रतिमा के विसर्जन पर असमंजस की स्थिति में हैं। अमर उजाला संवाद में पूजा समितियों में प्रशासनिक उत्पीड़न बंद करने के साथ ही मां दुर्गा की प्रतिमा को बहते हुए पानी में विसर्जन की मांग उठाई। पूजा समितियों ने एकस्वर में कहा कि एनजीटी व प्रदेश सरकार मानक तय करे, हम उसका पालन करने के लिए तैयार हैं। मां गंगा की गोद में प्रतिमाओं को प्रवाहित करने की अनुमति दी जाए।

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बनारस में बनने वाली 512 प्रतिमाएं इको फ्रेंडली ही बन रही हैं। इसे गंगा में विसर्जन से कोई दिक्कत नहीं होगी। पूजा समितियों ने कुंडों व पूजा पंडालों के पास सफाई, सड़कों की मरम्मत, सुरक्षा और बिजली की मुकम्मल व्यवस्था करने की मांग की।

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बंगाल की तर्ज पर हो काशी में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन
काशी में तैयार होने वाली मां दुर्गा की प्रतिमाओं में बांस, पुआल, गंगा मिट्टी, खड़िया और खाने वाले रंगों का इस्तेमाल होता है। इसमें से कोई भी ऐसी वस्तु नहीं है जिससे गंगा में प्रदूषण हो। हमारी मांग है कि बंगाल की तर्ज पर काशी में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाए। गंगा में प्रतिमाओं को डुबाकर निकाल दिया जाए, जिससे हमारी आस्था भी आहत नहीं होगी। इसके समर्थन में हम लोगों ने 29 सितंबर को एक घंटे का ब्लैक आउट करने का निर्णय लिया है। काशी की जनता से भी हम कहना चाहते हैं कि अगर हमारी मांग सही है तो वह भी पांच मिनट के लिए शाम को सात बजे अपने घर की लाइट बंद करके हमारा समर्थन करें। पूजा समितियों को पूजन की अनुमति के लिए परेशान होना पड़ता है इसमें बदलाव की जरूरत है। -तिलकराज मिश्र, अध्यक्ष केंद्रीय पूजा समिति

क्या बोले समितियों के सदस्य

गंगा में प्रतिमा विसर्जन पर प्रतिबंध के बाद से हमारी पूजा समिति प्रतीकात्मक कलश पूजन करती है। कुंडों की हालात खराब है। इससे हमारी आस्था प्रभावित होती है। प्रतिमाओं का विसर्जन तभी करेंगे जब सरकार व न्यायालय से गंगा में विसर्जन की अनुमति मिलेगी।
-संजय गुप्ता उर्फ छोटू, प्रीमियर ब्वाज क्लब, हथुआ मार्केट
 
जिला प्रशासन मूर्तियों के विसर्जन के लिए भेलूपुर में जिस कुंड को बनाया है, वह विसर्जन योग्य नहीं है। कुंड के पास गंदगी है। बच्चे शौच करते हैं। ऐसे में प्रतिमाएं विसर्जित नहीं कर सकते हैं। -सूरज जायसवाल, सनातन धर्म इंटर कॉलेज
 
हमलोगों की प्रतिमा जिस कुंड में विसर्जित की जानी हैं, उसमें सीवर का पानी बहता है। बहुत ज्यादा गंदगी है, ऐसे में विसर्जन करना मुश्किल है। प्रशासन को इसके लिए अलग से व्यवस्था करनी चाहिए। -राकेश कुमार गुप्ता, श्री दुर्गा पूजा समिति मिनी स्टेडियम शिवपुर
 
दुर्गा पूजा समितियों के साथ प्रशासन का रवैया ठीक नहीं है। हम लोग जब अपनी समस्या उनके पास लेकर जाते हैं तो उनका व्यवहार ऐसा होता है जैसे कि हम कोई अपराध या गलत कार्य करने वाले हैं। हर साल हम लोगों को यह समस्या झेलनी पड़ती है।
-अर्जित मुखर्जी, ईगल क्लब, बंगाली टोला
 
प्रशासन हमें विसर्जन के साथ हमारे लिए बिजली, सफाई और सुरक्षा की भी अच्छी व्यवस्था करें, ताकि दर्शनार्थियों को दर्शन पूजन में कोई दिक्कत न हो। जितने भी संवेदनशील इलाकों में पंडाल हैं वहां पर सुरक्षा के इंतजाम बेहतर होने चाहिए
-चंद्रशेखर तुलस्यानी, गोल्डेन स्पोर्टिंग क्लब, देवनाथपुरा

पूजा पंडाल के पास से दर्शनार्थियों के निकलने के लिए रास्ता नहीं होने से दिक्कत हो रही है। अधिकारियों को ज्ञापन भेजा है, मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पहड़िया मंडी की दीवाल के पास से रास्ता मिल सकता है, लेकिन वह बंद है। उसे कुछ दूर तोड़कर रास्ते की मांग की जा रही है। -बलराम सिंह, तरुण क्लब पहड़िया
 
दुर्गा पूजा का विसर्जन शुद्ध मानक के अनुसार होना चाहिए। इसमें कोई वैकल्पिक व्यवस्था का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि वह व्यवस्था इसके मानक को पूरा नहीं कर पाएगी। -सत्यनरायण सेठ, जनजागरण दुर्गोत्सव समिति, नक्खीघाट

काशी की दुर्गा पूजा दुनिया में मशहूर है। यहां पूजा समितियां कठिन परिश्रम के बाद चंदा लेकर प्रतिमा बैठाती हैं। मगर, उनके साथ शासन-प्रशासन का व्यवहार ठीक न होने से आस्था को ठेस पहुंचती है। -सचिन यादव, बाबा मच्छोदरानाथ पूजा समिति, मच्छोदरी
 
गंगा में प्रतिमा विसर्जन पर रोक है, लेकिन इसके लिए कोई अच्छी व्यवस्था नहीं है। हमारे क्षेत्र की प्रतिमा विसर्जन के लिए तय कुंड में नाले का पानी बहता है। ऐसी स्थिति में कैसे प्रतिमा का विसर्जन कर सकते हैं। -हिमांशु यादव, जय माता दी स्पोर्टिंग क्लब, अर्दली बाजार
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इन समितियों ने भी अपनी समस्याएं रखीं

रमेश पांडेय प्रीमियर ब्वायज क्लब हथुआ मार्केट, रोहित चौरसिया सनातन धर्म इंटर कॉलेज पूजा समिति, तरुण कुमार मुखर्जी वाराणसी दुर्गोत्सव समिलिनी बंगाली टोला, संजय पांडेय मोनू टाउनहाल दुर्गाेत्सव समिति, तपन महाराज भारत सेवाश्रम संघ सिगरा, प्रशांत शर्मा भारतेंदु क्लब मैदागिन, बसंत वर्मा अकाल बोधन दुर्गा पूजा समिति लक्सा, घनयाम जैन पापुलर न्यू स्पोर्टिंग क्लब दुर्गापूजा समिति चांदपुर, रविपाल ईगल क्लब, अनिल कुमार द्विवेदी बाबा श्रीगैबीनाथ दुर्गोत्सव समिति, सोनू बिंद बाबा गैबीनाथ युवा स्पोर्टिंग क्लब, राजेंद्र गांधी न्यू पैलेस स्पोर्टिंग समिति चौकाघाट, अमित राजबंशी बाल स्पोर्टिंग क्लब, मुकेश चौरसिया मां अंजनी स्पोर्टिंग क्लब पितरकुंडा, कुनाल भारती श्रीश्री हथियान बीर बाबा मां दुर्गा पूजा स्पोर्टिंग क्लब भिटारी, श्रवण कुमार यादव सर्वेश्वरी दुगोत्सव समिति, अरविंद लाल त्रिमूर्ति क्लब दुर्गा पूजा समिति पहड़िया मौजूद रहे।
 
प्रमुख मांगें
  • प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए बने कृत्रिम कुंडों में है गंदगी, गंगा के पानी में विसर्जन की दी जाए अनुमति
  • भीड़-भाड़ वाले और संवेदनशील पूजा पंडालों के पास सुरक्षा के साथ ही बैरिकेडिंग के हों इंतजाम
  • पूजा समितियों की समस्या दूर करने के लिए बने सिंगल विंडो सिस्टम
  • प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का नहीं है कोई मतलब, बहते पानी में है विसर्जन की परंपरा
  • पूजा समितियों के साथ बदले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का व्यवहार
  • पंडाल जाने वाले रास्तों की हो मरम्मत, प्रकाश, सुरक्षा के हों बेहतर इंतजाम
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