शारदीय नवरात्र में भक्त माता की आराधना करेंगे। नवरात्र के दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा की जाती है। नवरात्र का समय बहुत ही शुभ माना जाता है। जो लोग नवरात्र के दौरान अपनी राशि के अनुसार मां दुर्गा की पूजा करते हैं, उनके जीवन के सभी दुख और दर्द दूर हो जाते हैं।
ज्योतिषाचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस वर्ष आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 14 अक्तूबर को रात 11:24 बजे से शुरू होगी और 15 अक्तूबर को रात 12:32 बजे समाप्त होगी। 15 अक्तूबर से शारदीय नवरात्र का त्योहार शुरू हो जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राशिवार माता की पूजा फलदायी होगी।
मेष - स्कंदमाता की पूजा करें। दूध से बने पेड़े और लाल फूल का भोग लगाना चाहिए। नियमित सिद्धकुंजिका स्तोत्र का पाठ करें।
वृषभ- मां महागौरी की पूजा करें। सफेद मिठाई और सफेद फूल चढ़ाएं। नियमित रूप से दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
मिथुन- मां दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा करनी चाहिए। मां को लाल फूल, चीनी और पंचामृत अर्पित करना चाहिए।
कर्क- देवी शैलपुत्री की पूजा करें। बताशा और चावल का भोग लगाएं। नियमित रूप से अर्गला और कीलक स्तोत्र का पाठ करें।
सिंह- देवी दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा करें। रोली और केसर अर्पित करना चाहिए और दुर्गा सप्तशती का पाठ भी करें।
कन्या- मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा करें। खीर का भोग लगाएं, कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।