फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shardiya Navratri 2023: कलश स्थापना के साथ महापर्व नवरात्र आरंभ, काशी में माता शैलपुत्री का हुआ भव्य श्रृंगार

Sun, 15 Oct 2023 08:16 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में नव दुर्गा के आराधना की तैयारियां देर रात तक चलती रहीं। अलईपुरा स्थित माता शैलपुत्री के दर्शन पूजन के लिए मध्यरात्रि से ही भक्त कतारबद्ध होने लगे थे।
विज्ञापन
मां शैलपुत्री का हुआ श्रंगार। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा से शक्ति की आराधना का महापर्व नवरात्र आरंभ हो गया है। कलश स्थापना के साथ ही घरों से लेकर मंदिरों तक सप्तशती के मंत्र गुंजायमान हो रहे हैं। वाराणसी में नव दुर्गा के आराधना की तैयारियां देर रात तक चलती रहीं। अलईपुरा स्थित माता शैलपुत्री के दर्शन पूजन के लिए मध्यरात्रि से ही भक्त कतारबद्ध दिखे।

वहीं, विंध्यधाम में भी मध्यरात्रि के बाद से ही दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की कतार लगी। पूर्वांचल के देवी मंदिरों में भी मां दुर्गा के दर्शन पूजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। पुलिस व प्रशासन की ओर से भी शारदीय नवरात्र पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।

विज्ञापन

 

विज्ञापन

मां शैलपुत्री का हुआ श्रंगार। - फोटो : अमर उजाला

जैतपुरा के अलईपुर क्षेत्र में माता शैलपुत्री का मंदिर स्थापित है। मान्यता है कि स्वयं भगवान भोले शंकर ने यहां माता भगवती को स्थापित किया है। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री के दर्शन का विधान है। इसके अलावा मां के दर्शन मात्र से जीवन की वैवाहिक बाधा दूर हो जाती हैं एवं संतान प्राप्ति की अभिलाषा मां पूरी करती हैं। मंदिर के पुजारी ने बताया कि पुराणों के वर्णित है कि मां पार्वती ने हिमवान की पुत्री के रूप में जन्म लिया और शैलपुत्री कहलाईं। माता महादेव से नाराज होकर कैलाश से काशी आ गईं। भोले शंकर मां पार्वती को ढूंढते हुए जब काशी पहुंचे तो मां ने महादेव से आग्रह किया कि यह स्थान उन्हें बेहद प्रिय लगा (वरुणा का किनारा) तभी से माता यहां विराजमान हैं।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें