शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की किरणों से अमृत की बरसात होगी। षोडश कलायुक्त चंद्रमा से निकलने वाली किरणें रोक और शोक को हरने वाली हैं। छह अक्तूबर को रात्रि में मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाएगी। सात अक्तूबर से कार्तिक स्नान के यम, व्रत और नियम तथा दीपदान शुरू हो जाएंगे।