मंदिरों से साईं बाबा की प्रतिमा हटाने के मामले पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि साईं बाबा को मंदिरों में प्रतिष्ठित करना अपराध है।
ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि सनातनधर्म शास्त्रानुसार चलता है। शास्त्र में जिसका उल्लेख नहीं वो अपूज्य है और हम सनातनधर्मियों के मंदिरों में अपूज्य की पूजा कदापि नहीं हो सकती है। साईं बाबा एक मुस्लिम फकीर थे। उनको मंदिरों में प्रतिष्ठित करना अपराध है। फिर भी अगर किसी को साईं बाबा की पूजा करनी है तो उनका अलग मंदिर बना ले, हमें कोई आपत्ति नहीं है।
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शंकराचार्य ने शुक्रवार को बयान जारी करते हुए काशी के सनातनी मंदिरों से साईं की प्रतिमा को हटाने को शास्त्रसम्मत व सराहनीय कार्य बताया है। इसके साथ ही सनातन रक्षक दल के प्रदेश अध्यक्ष अजय शर्मा की गिरफ्तारी पर रोष व्यक्त किया है।
कहा कि सनातनी मंदिरों से सहमति से साईं की मूर्तियां हटाई जा रही थीं। इस कार्य में लगे पं. अजय शर्मा को पुलिस ने शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार कर लिया है और दूसरी अनेक धाराएं भी लगाई हैं। हम सनातनधर्मियों को खड़े होकर अजय शर्मा के लिए जो कानूनी मदद हो वो करनी चाहिए।
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कहा कि बिना कारण उनको जेल न भेजा जाए। उनकी जमानत कराई जाए। उनका मुकदमा हम कानून की परिधि में रहकर दृढ़ता से लड़ेंगे। हमारे ब्रह्मलीन गुरुदेव शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने पहले ही न्यायालय और हर जगह प्रमाण प्रस्तुत करवा दिया है और धर्मनिर्णय भी दिया है। अब बस क्रियान्वयन बाकी है।