सीवर और गंदगी की समस्या से जूझ रही जनता का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा और सोनिया पर चक्काजाम कर दिया। उधर से गुजर रहे राहगीरों के अलावा स्कूली बच्चों को भी आने जाने में परेशानी झेलनी पड़ी। सूचना पर पहुंची सिगरा पुलिस ने नगर निगम के अधिकारियों से बातचीत कर समस्या को दूर कराने का आश्वासन दिलाकर चक्काजाम समाप्त कराया।
हीरालाल के नेतृत्व में क्षेत्रीय जनता और स्थानीय महिलाओं ने रास्ता रोक दिया। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सोनिया तालाब वही ऐतिहासिक जगह है। जहां पर महात्मा गांधी के नेतृत्व में सत्याग्रह शुरू हुआ था। उसकी हालत बद से बदतर हो गई है। तालाब में जलकुंभियां भरी पड़ी हैं। चारों तरफ कूड़े का अंबार लगा रहता है लेकिन समय से कूड़ा नहीं उठाया जाता है। सीवर से होकर लोगों को घरों में जाना पड़ रहा है।
इस संबंध में कमिश्नर, डीएम, नगर आयुक्त को पत्र दिया गया था लेकिन उच्चाधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे यहां की जनता में आक्रोश व्याप्त है। तालाब के सुंदरीकरण के साथ साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने की मांग की गई। पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों के आश्वासन पर चक्काजाम समाप्त हुआ। विरोध जताने वालों में चंद्रकांत, अमरनाथ पटेल, गोरखनाथ यादव, अजय विश्वकर्मा, उर्मिला, नीरज विश्वकर्मा, रमेश यादव, मनोज गुप्ता आदि मौजूद रहे।