वाराणसी। कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर में वेडिंग कारोबार की बैंड बज गई। मई की बात करें तो शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग सात हजार शादियां टल गई हैं। इस बार मई माह में कुल 21 लग्न है और शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 400 से अधिक लॉन, बैंक्वेट हॉल सब बुक हो गए थे, लेकिन संक्रमण को देख लोगों ने शादियां सर्दियों तक टाल दी। वेडिंग कारोबारियों के अनुसार, 100 करोड़ से अधिक का झटका लगा है। सराफा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल सेक्टर को जोड़ लें तो 300 करोड़ से अधिक का नुकसान होगा।
वाराणसी टेंट व्यवसायी एसोसिएशन के प्रवक्ता रोहित पाठक ने बताया कि इस बार पिछले साल के नुकसान की भरपाई की उम्मीद थी, लेकिन इस बार हालत और खराब हो गई। सारी बुकिंग निरस्त हो गई। पहड़िया के लॉन संचालक मुनव्वर अली ने बताया कि दूसरी लहर में अधिकतर शादियां टल गईं। लॉन व बैंक्वेट हॉल खाली हो गए। चिंता है कि लाख रुपये खर्च कर रंग रोगन कराया था, नए सामान मंगाए गए थे। पूरी पूंजी फंस गई। एक भी बुकिंग मई माह में नहीं है। शहर के 400 लॉन में सन्नाटा पसरा हुआ है।
जिस दिन बेटे की थी शादी, उस दिन पिता की हुई तेरही
कोरोना संक्रमण से बचाव का रास्ता खोजा जा रहा है। अधिकतर शादियां इसलिए टल र्गइं कि परिवार का कोई न कोई सदस्य कोरोना का शिकार हुआ। आशापुर क्षेत्र में मिश्रा परिवार में बेटे की शादी की तैयारी थी, लेकिन पिता की सांसें थम गई। खुशियां मातम में बदल गई। जिस दिन बेटे की शादी थी, उस दिन पिता की तेरही हुई।