फोरलेन सड़क के बीच पांच फीट चौड़ा डिवाइडर और दोनों किनारों पर 30 फीट चौड़ी सर्विस लेन बनाई जाएगी। सड़क के बाद 8-8 फीट की पटरी बनेगी, इसके बाद 3-3 फीट के नाले का निर्माण होना है। इस तरह अब यह सड़क कुल 86 मीटर चौड़ी बनेगी, ताकि आने जाने वाले राहगीरों को राहत मिले, साथ ही इस सड़क को बाईपास के चौड़ीकरण के साथ मिलाया जाएगा।
यहां बता दें कि इस सड़क का गंगा पार रेती से सीधा जुड़ाव होने के कारण चंदौली, मिर्जापुर, बिहार और मध्यप्रदेश सहित अन्य शहरों के सैलानी व श्रद्धालु बिना शहर में प्रवेश किए सीधे गंगा घाटों पर पहुंच जाएंगे।
सड़क बनने के बाद निर्माण भी होगा संभव
गंगा से सटे दर्जनों गांव हाई फ्लड लैंड (एचएफएल)में शामिल हैं। गंगा किनारे एचएफएल की ऊंचाई से सड़क निर्माण की योजना है। इसके बनने से आसपास के गांव एचएफएल से बाहर हो जाएंगे। वर्तमान में एचएफएल की वजह से इन गांवों में वीडीए के नक्शा स्वीकृति पर रोक है और निर्माण कार्य भी प्रतिबंधित है। रामनगर से सेमरा तक एक सड़क बनने से कई इलाके एचएफएल से बाहर हो जाएंगे। उसी तर्ज पर रामनगर से पड़ाव की सड़क को तैयार किया जाएगा।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल
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पड़ाव से रामनगर तक 6.8 किलोमीटर सड़क के लिए रामनगर में सड़क मापन की प्रक्रिया शुरू हो गई। 1946 के नक्शे के आधार पर जमीनों का चिन्हांकन और नपाई कराई जा रही है। इसमें कई जगहों पर निजी जमीनों को भी चिन्हित किया गया है।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि रामनगर से पड़ाव के बीच सड़क निर्माण से पहले एक बंधा के स्वरूप के ऊपर से सड़क बनाई जाएगी। 21 सौ करोड़ रुपये की परियोजना के लिए तीन मंत्रालयों से अनापत्ति मांगी गई है। एनओसी मिलने के बाद निविदा जारी कर दी जाएगी।