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Varanasi News: सात घंटे अनुष्ठान, 25 वेदियों पर 251 बटुक बने वेद अध्ययन के अधिकारी

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बटुकों के कानों में पढ़ा गया गायत्री मंत्र, सिर पर बना स्वास्तिक का निशान
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माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। अक्षय तृतीया पर धर्मसंघ का प्रांगण वैदिक मंत्रों से गुंजायमान होता रहा है। सात घंटे तक चले अनुष्ठान के दौरान 25 यज्ञ वेदियों पर 251 बटुकों ने यज्ञोपवीत धारण करके वेद अध्ययन का अधिकार हासिल कर लिया। यह पहला मौका था जब धर्मसंघ में होने वाले सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार में 30 साल से अधिक उम्र के पांच युवाओं का भी यज्ञोपवीत संस्कार हुआ।
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धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की तपोस्थली धर्मसंघ (दुर्गाकुण्ड) में बुधवार को एक साथ 251 बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र यज्ञोपवीत धारण किया। धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज के पावन सानिध्य में बटुकों का सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार पूर्ण किया गया। यज्ञोपवीत के निमित्त प्रातः सात बजे से धर्मसंघ प्रांगण में विविध आयोजन प्रारंभ हो गए थे। सबसे पहले बटुकों का स्नानादि के बाद छौरकर्म किया गया तत्पश्चात पीले वस्त्रों में बटुकों ने संपूर्ण वैदिक रीति रिवाज के साथ यज्ञोपवीत धारण किया। सभागार में बने 30 से अधिक वेदियों पर मुख्य आचार्य पंडित अवधराम पांडेय के आचार्यत्व में 51 सहआचार्यों ने बटुकों से प्रक्रिया पूर्ण करवाई। कार्यक्रम संयोजक धर्मसंघ के महामंत्री पं. जगजीतन पांडेय ने बताया कि ब्राह्मणों में यज्ञोपवीत संस्कार का सर्वाधिक महत्व है, शिक्षारंभ से पूर्व उन्हें यज्ञोपवीत कराना अनिवार्य है, अन्यथा वे वेद का अध्ययन नहीं कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यज्ञोपवीत की पवित्रता ही ब्रह्म को पूर्णता प्रदान करती है। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्रा दयालु, महापौर अशोक तिवारी, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने भी बटुकों को आशीर्वाद दिया और अगले वर्ष 11 सौ बटुकों के यज्ञोपवीत का संकल्प लिया।
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