कंप्यूटर साइंस और इंफॉर्मेशन सिस्टम्स ने साल 2025 के 751-850 रैंक बैंड से बड़ी छलांग लगाते हुए 251-300 रैंक बैंड में स्थान प्राप्त किया है। पहली बार शामिल किए गए फार्मेसी विषय को भी 201-250 रैंक बैंड में स्थान मिल गया है। जैविक विज्ञान 651-700 रैंक बैंड में आया और ब्रॉड सब्जेक्ट एरिया के तहत इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में 332 रैंक मिली है।
अन्य चार विषयों की रैंक बैंक
- प्राकृतिक विज्ञान : 451-500
- फिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी : 351-400
- गणित : 301-350
- पर्यावरण विज्ञान : 401-450
क्यूएस सब्जेक्ट रैंकिंग का आकलन पांच मानकों पर होता है। इसमें अकादमिक प्रतिष्ठा, एंप्लॉयर प्रतिष्ठा, प्रति रिसर्च पेपर साइटेशन, एच-इंडेक्स और अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क शामिल हैं। इनमें आईआईटी बीएचयू को इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी, प्राकृतिक विज्ञान, जीवन विज्ञान और चिकित्सा के साथ ही सामाजिक विज्ञान व प्रबंधन जैसे चार व्यापक विषय क्षेत्रों के अंतर्गत 14 विषयों में आंका गया। प्रोफेसर विकास कुमार दुबे ने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की वैश्विक दृश्यता, शोध उत्पादन और नियोक्ता सहभागिता को बढ़ाने के लिए अपनाई गई रणनीतिक पहलों का परिणाम है।
इस वर्ष 14 में से 13 विषयों का रैंकिंग में शामिल होना बड़ी उपलब्धि है। संस्थान अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों और शोध संगठनों के साथ सहयोगात्मक गतिविधियों को लगातार बढ़ा रहा है। इससे वैश्विक शोध नेटवर्क में उसकी भागीदारी और मजबूत होगी। -प्रो. अमित पात्रा