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साढ़े सात घंटे बंदियों की कैद में कारागार

Sun, 03 Apr 2016 02:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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वाराणसी जिला कारागार में बवाल
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मारपीट, पथराव और हवाई फायरिंग के बीच जिला जेल शनिवार को साढ़े सात घंटे तक बंदियों के कब्जे में रहा। अदालत में पेशी के लिए ले जाने के दौरान बंदियों से पैसे मांगने और न देने पर बंदी अजय यादव की पिटाई से बात इस कदर बिगड़ी कि हालात बेकाबू हो गए। नाराज बंदियों ने बंदीरक्षकों पर हमला कर दिया। खूनी संघर्ष में जेल अधीक्षक, डिप्टी जेलर समेत आधा दर्जन जेलकर्मी जख्मी हो गए। बंदियों के पथराव के जवाब में फोर्स को हवाई फायरिंग करनी पड़ी।
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इस बीच बंदियों ने जेल अधीक्षक आशीष तिवारी को बंधक बना लिया। सुबह नौ बजे से शाम करीब साढ़े चार बजे तक साढ़े सात घंटे बाद उन्हें मुक्त किया गया। उनके सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं। उधर, बंदियों की मांग पर जेल अधीक्षक आशीष तिवारी और डिप्टी जेलर अजय राय को तत्काल कार्यमुक्त करते हुए एसीएम चतुर्थ राम शिरोमणि को जेल का प्रभार सौंप दिया गया है। वहीं, डीएम ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट एसएन शुक्ला पूरे मामले की जांच करेंगे।

शनिवार को बंदियों की परेड हो रही थी। नौ बजे के लगभग जेल अधीक्षक बैरक नंबर 11 से निकलकर 12-13 के सामने के मैदान में पहुंचे। इसी दौरान बंदी पेशी के लिए भी ले जाए जा रहे थे। लगभग 250 से 300 बंदी मैदान में थे। आरोप है कि बंदी अजय यादव को पेशी पर भेजने के लिए बंदी राइटर राजकिशोर ने पैसा मांगा तो उसने आनाकानी की। इस पर राजकिशोर ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। यह देख अन्य बंदी भड़क गए। दौड़ा-दौड़ाकर जेल कर्मियों को पीटने लगे।
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पिटाई में जेल अधीक्षक, डिप्टी जेलर, कांस्टेबल धनीराम मिश्रा, हरिवंश प्रसाद व विपिन कुमार सिंह और बंदी राइटर राजकिशोर व राजेश मिश्रा को काफी चोट आई। बंदियों ने बाकी सब को बाहर कर जेल अधीक्षक को बंधक बना लिया। बताया जा रहा है कि जेल अधीक्षक आशीष तिवारी के बंधक बनाए जाने से जेल प्रशासन बैकफुट पर आ गया। जेल पहुंचे डीएम राजमणि यादव ने बंदियों से वार्ता करनी चाही मगर नाराज बंदियों ने इनकार करते हुए जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

सुलह के लिए बंदियों की मांग पर सपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल को जेल बुलाया गया, मगर बंदियों की सभी सात मांगों को मानने के आश्वासन के बाद भी बात नहीं बनी और बंदियों ने जेल अधीक्षक को रिहा नहीं किया। हालांकि जिलाधिकारी ने बंधक जैसी स्थिति से इनकार किया मगर घटना के तत्काल बाद अर्धसैनिक बल और पीएसी भी बुला ली गई।

जेल में उपद्रव की सूचना पर इलाहाबाद से डीआईजी जेल संतोष कुमार, वाराणसी के डीआईजी डॉ. संजीव कुमार गुप्ता के अलावा आईबी, जिला और पुलिस प्रशासन के तमाम आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके अलावा सीआरपीएफ, एनडीआरएफ और पीएसी की दो कंपनी की भी वहां तैनाती की गई। बंदी जेल से भागने न पाएं इसके लिए जिला जेल को चारों ओर से घेर लिया गया।
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