इसके चलते जिलाधिकारी ने उमेश सिंह की संपत्ति को जब्त करने के लिए 14 ए के तहत आदेश जारी किया। इसी क्रम में शुक्रवार को सीओ नगर नरेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने इंदारा के अदरी स्थित उमेश सिंह के कोल डिपो और धर्म कांटे को सीज किया। इस तरह से पुलिस प्रशासन ने उमेश की 17 लाख 36 हजार दो सौ रुपये की संपत्ति जब्त की है।
बता दें कि उमेश सिंह की इंदारा के अदरी में 213.3 वर्ग मीटर की जमीन पर कोल डिपो स्थापित है। उमेश ने इस संपत्ति की रजिस्ट्री 12 जुलाई 2005 को कराई थी। इस समय जमीन का सर्किल रेट 10 लाख 36 हजार दो सौ रुपये है। उसमें बने तीन कमरे जिनका अनुमानित मूल्य 7 लाख है।
इस प्रकार कुल कीमत 17 लाख 36 हजार दो सौ रुपये हुई। कोल डिपो में भारी मात्रा में कोयला एवं एक जेसीबी मौजूद है। कमरे में रखा गृहस्थी का सामान निकालकर कमरों व डिपो गेट में ताला लगाकर सीज कर दिया गया। कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप की स्थित बनी रही। सीओ सीटी नरेश कुमार सिंह के नेतृत्व में कोतवाली राम सिंह, निहार नंदन कुमार व भारी पुलिस बल मौजूद रही।
सीओ नरेश कुमार सिंह के अनुसार उमेश सिंह मुख्तार अंसारी गिरोह को आर्थिक रूप से लाभ पहुंचाने के साथ ही शरणदाता भी है। माफिया से संबंध का फायदा उठाकर इंदारा के अदरी में 15 वर्ष पहले कोल डिपो स्थापित किया था। इस व्यवसाय में मोनोपोली बनाते हुए कोयला माफिया के रूप में इनके द्वारा अर्जित धन से मुख्तार अंसारी गिरोह की फंडिंग लंबे समय से की जा रही है।
कोयला माफिया और मुख्तार अंसारी गैंग के करीबी उमेश सिंह की संपत्ति जब्त होने पर पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने बताया की मुख्तार गैंग के करीबियों की 21 करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्ति जब्त की गई है। कहा कि अकेले उमेश सिंह की अब तक छह करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।