उसी समय गांव के चार अन्य लोग हरेराम यादव, हरेकृष्ण यादव, हरिशंकर और केशव यादव भी आ गए और अभिषेक को गाली देते हुए उसे मारनेे लगे। बीच बचाव करने पहुंची मां रेनू यादव को भी हमलावरों ने पीटकर घायल कर दिया। शोर सुनकर अवधेश यादव भी आ पहुंचे और बीच-बचाव करने लगे। तभी बृजेश यादव ने पिस्टल निकालकर अपने चचेरे साले अवधेश को गोली मार दी।
जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने बृजेश और किशन को घेर लिया और दोनों की जमकर धुनाई कर दी। उधर, मौका देख अन्य चारों हमलावर भाग निकले। बाद में काफी मशक्कत के बाद पुलिस दोनों आरोपियों को कब्जे में ले पाई। मौके पर पहुंचे एसपी डा. ओमप्रकाश सिंह ने परिजनों और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली और मातहतों को दिशा-निर्देश दिए।
पट्टीदार के ससुराल वालों ने वारदात को अंजाम दिया है। ग्रामीणों ने दो मुख्य आरोपियों को पकड़कर पुलिस को सुपुर्द कर दिया है। पुलिस टीम अन्य की तलाश में जुटी हुई है। मृतक के पुत्र की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
डा. ओपी सिंह, पुलिस अधीक्षक