दूसरी लहर में मरीजों की संख्या बढ़ने और मौत अधिक होने के पीछे ऑक्सीजन की कमी के साथ ही कोविड अस्पतालों में बेड का संकट भी मुख्य वजह माना जा सकता है। मई के पहले सप्ताह से ऑक्सीजन और बेड का संकट भी दूर हुआ है। पहले सप्ताह में तो एक दिन में 15 से 20 मौत होती थी। जो अब 10 से नीचे आ गई है। बीते बुधवार को 65 दिन के बाद ऐसा पहली बार हुआ कि कोरोना से एक भी मौत दर्ज नहीं हई। बीते दिन 39 नये मामले सामने आए तो वहीं आज सुबह की रिपोर्ट में केवल 18 नए मरीज मिले। एक्टिव मरीजों की संख्या भी अब एक हजार से कम हो गई।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉक्टर एसएस कन्नौजिया ने कहा कि अप्रैल की तुलना में मई महीने में संक्रमण दर में भी तेजी से गिरावट आई है। अप्रैल में संक्रमण दर 40 से 45 प्रतिशत तक पहुंच गया था। मई में शुरू में 15 से 20 प्रतिशत और अब घटकर 5 फीसदी तक संक्रमण दर आ गया है। इसमें भी एक दिन तो एक फीसदी से भी कम संक्रमित थे। कोरोना कर्फ्यू और जागरूकता से ऐसा हुआ है। महिलाओं के मुकाबले दूसरी लहर में पुरुष ज्यादा संक्रमित हुए हैं। पुरुषों को बाहर निकलना पड़ता है। लोगों से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की जा रही है।