वारदात स्थल से बरामद आधार कार्ड के जरिये पुलिस ने भेलूपुर थाना क्षेत्र के बजरडीहा निवासी नरगिस परवीन के रूप में शिनाख्त की। महिला के मायके पक्ष से संपर्क किया गया। सीसी कैमरे और सर्विलांस के आधार पर हत्या की गुत्थी सुलझती गई। भेलूपुर के रहने वाले पति सुहैल को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि पुलिस को गुमराह करने के लिए सुहैल वारदात से काफी दिन पहले ही लापता हो गया था। उसकी पत्नी नरगिस ने 12 अप्रैल को भेलूपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस खोजबीन में लगी हुई थी।
इस बीच पुलिस को मालूम चला कि सुहैल परिजनों से लगातार संपर्क में रहा लेकिन नरगिस से बातचीत नहीं करता था। सोमवार को अचानक सुहैल ने साजिश के तहत नर्गिस को घर बुलाया। योजना के तहत सुहैल उसे घुमाने के बहाने घर से लेकर निकला। दिन में कई जगहों पर घूमे और रेस्टोरेंट में साथ खाना भी खाया।
इस बीच देर रात हरपालपुर स्थित वैष्णो पुरम कॉलोनी ले गया और पीछे से पहले सिर पर ईंट से वार किया। जब तक नरगिस संभलती, तब तक ईंट से लगातार छह से सात वार कर हत्या कर दी। नरगिस के पिता गुलाम ने पति सुहैल समेत ससुर, देवर के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई।
पुलिस के मुताबिक नर्गिस की पहली शादी असगर के साथ हुई थी, जो बिहार का रहने वाला था। मदनपुरा में किराये पर रहता था। नर्गिस और असगर के पांच बच्चे थे। कुछ दिनों बाद असगर और नर्गिस का तलाक हो गया तो सुहैल के संपर्क में नर्गिस आ गई। जनवरी में सुहैल ने नर्गिस के साथ निकाह किया और परिवार के साथ बजरडीहा में रहने लगा। नर्गिस के नाम से कुछ जमीन थी, जिसे सुहैल ने बिकवाकर सारा पैसा रख लिया। जब पैसा खत्म हो गया तो वह नर्गिस से अपना पीछा छुड़ाने लगा। इसके तहत हत्या की साजिश रची। नर्गिस के पास से बरामद आधार कार्ड के पते पर जब पुलिस नई सड़क पहुंची तो पहले पति असगर के बारे में जानकारी हुई। पुलिस ने असगर से संपर्क किया तो उसने सुहैल के परिवार वालों का पता बताया। इसके बाद पति सुहैल की गिरफ्तारी हुई।