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दूसरी डोज के टीके का संकट बरकरार

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वाराणसी। जिले में कोरोना टीकाकरण का संकट दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। पहली डोज लगवाने के बाद 45 साल से अधिक उम्र वाले लोग दूसरी डोज के लिए केंद्रों का चक्कर काटने को विवश हैं। कुछ केंद्रों पर कोवैक्सीन तो कहीं कोविशिल्ड का टीका नहीं लग पा रहा है। इसके अलावा 18 से 44 वाले भी तकनीकी खामियों की वजह से भटक रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहरी और ग्रामीण इलाकों में कोरोना टीकाकरण के लिए अलग-अलग केंद्र बनाए गए हैं। अधिकांश केंद्रों पर पंजीकरण के बाद भी लोगों को टीका नहीं लग पा रहा है। सबसे ज्यादा संकट दूसरी डोज का है। जिन लोगों ने पहले कोवैक्सीन या कोविशिल्ड लगवाई है, उन्हें दूसरी भी यही वैक्सीन लगनी है, लेकिन कहीं कोवैक्सीन नहीं है तो कहीं कोविशिल्ड नहीं है। इस वजह से लोगों की समस्या बनी है। बुधवार को भी ईएसआईसी, आयुर्वेद कालेज चौकाघाट, महिला अस्पताल, सीएचसी दुर्गाकुंड आदि केंद्रों पर टीका लगवाने वालों की लंबी लाइन लगी रही। यहां दूसरी डोज के लिए कुछ लोगों की नोकझोंक भी हुई।
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पंजीकरण के बाद भी केंद्र की जानकारी नहीं
18 से 44 साल वाले बहुत से लोगों को मोबाइल पर पंजीकरण के बाद भी केंद्र की ऑनलाइन जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में वह भी टीके को लेकर परेशान हैं। बुधवार को महिला अस्पताल, ईएसआईसी समेत अन्य केंद्रों पर ऐसे लोग टीकाकरण की सही जानकारी के लिए परेशान रहे। इसमें कुछ लोगों को निराश लौटना पड़ा।
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निजी अस्पताल में लगी पहली डोज, दूसरे का पता नहीं
वाराणसी। कोरोना टीकाकरण संकट को लेकर बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की है। पदाधिकारियों ने बताया कि 45 साल से अधिक उम्र के बहुत से लोगों ने निजी अस्पताल पर शुल्क जमा करके कोरोना टीके की पहली डोज लगवाई थी। सरकार की ओर से केवल सरकारी अस्पतालों में ही टीकाकरण कराया जा रहा है। ऐसे में लोगों को दूसरी डोज नहीं लग पा रही है। बताया कि 18 साल से अधिक उम्र वालों को भी घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, वहीं बुजुर्ग टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ देखकर वापस हो जा रहे हैं। एसोसिएशन के महामंत्री राजन बहल, उपाध्यक्ष हरिमोहन साह, मंत्री विजय कपूर ने सरकार से मांग की है कि निजी अस्पताल को इतनी ही डोज उपलब्ध कराई जाए जितनी कि बुजुर्गों को दूसरी डोज लग सके।
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