भदोही जिले के नथईपुर रोड पर मिल्की गांव के समीप स्थित एससी क्लासेस नाम से नवोदय विद्यालय में प्रवेश की तैयारी कराने के लिए कोचिंग कक्षाएं चलाई जाती थी। उसी की आड़ में संचालक पांचवीं तक स्कूल भी चलवाता था।
स्कूल की न तो मान्यता थी न ही अन्य कोई मानक पूरे हो रहे थे। किराए के कमरे में एससी क्लासेज के नाम से बैनर लगाकर पीछे टीन शेड में स्कूल चलाया जाता है। स्कूल का कोई बोर्ड नहीं है, जबकि बच्चों को एससी कान्वेंट स्कूल के नाम का आईकार्ड जारी किया गया है।
जिले में 1143 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के अलावा करीब 500 मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित होते हैं। शिक्षा विभाग की सूची में बिना मान्यता के स्कूलों की संख्या 89 है। हालांकि हकीकत में यह संख्या 250 के करीब है। शनिवार सुबह जिस स्कूल वैन में आग लगने की घटना हुई, वह स्कूल भी गुप्त तरीके से चलाया जा रहा था। शिक्षा विभाग भी इससे अनजान था।
घटना के बाद जब पड़ताल शुरू हुई तो यह तथ्य सामने आए। नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने के नाम पर संचालक गुपचुप तरीके से विद्यालय चलवाता था। यहां तक कि स्कूल का कोई बोर्ड भी नहीं लगा है, लेकिन बच्चों को जो आईकार्ड जारी किया गया है, उस पर एससी कॉन्वेंट स्कूल लिखा है।
जुलाई में विद्यालय खुलने के बाद शासन के निर्देश पर डीएम ने अवैध स्कूलों को बंद कराने के लिए टीमें गठित की, लेकिन तीन से चार माह बाद भी टीमें एक भी विद्यालय पर नहीं पहुंचीं। अभोली, सुरियावां, चौरी, औराई, डीघ इलाकों में भी कोचिंग की आड़ में अवैध स्कूलों का संचालन हो रहा है।