यूपी के जौनपुर में एक स्कूल के एक मास्टर साहब ने तो हद कर दी। यहां पर एक जूनियर हाईस्कूल के एक प्रधानाध्यापक ने पहले कुछ ऐसा किया बाद में अपनी अपनी गलती छुपाने के लिए एक छात्र को 'मार' डाला।
जिले के महराजगंज के खंड शिक्षा अधिकारी बंशीधर पाण्डेय ने बीते नौ दिसंबर को कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान वह करीब 11:30 बजे जब जूनियर हाईस्कूल रानगर उपधान पर पहुंचे तो विद्यालय का ताला खुला था लेकिन वहां एक भी छात्र मौजूद नहीं था।
प्रधानाध्यापक संजय कनौजिया पास में स्थित प्राथमिक विद्यालय में बैठकर गप्प लड़ा रहे थे। खंड शिक्षा अधिकारी के पहुंचने पर जब वह भागकर अपने विद्यालय पहुंचे तो उनसे विद्यालय में बच्चों की अनुपस्थिति का कारण पूछा गया।
उनके पास कोई और बहाना नहीं था तो बता दिया कि कक्षा छह के एक छात्र की मौत हो गई जिससे विद्यालय में छुट्टी कर दी गई। उनका यह दावा संदिग्ध होने पर खंड शिक्षा अधिकारी ने छात्र का नाम और पता भी पूछ लिया। इसपर उन्होंने मृत छात्र का नाम अफरोज बताया।
खंड शिक्षा अधिकारी ने इसे लिखित रूप से मांगा तो उन्होंने इस झूंठे दावे को लिखकर भी दे दिया। शायद उन्हें इस बात का भरोसा नहीं था कि खंड शिक्षा अधिकारी उनके दावे की तहकीकात करा सकते हैं।