घटना के संबंध में बताया जा मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के कंदवा इलाके में रहने वाले अमित ने पत्नी वंदना पाठक और लंका छितुपुर के हरिओम नगर में रहने वाले ससुर उदय नारायण पांडेय को लिफाफा बंद सुसाइड नोट पकड़ाया। इसके बाद कार लेकर निकल गया। सुसाइड नोट पढ़ कर वंदना ने आननफानन पुलिस को सूचना दी।
इधर, सुसाइड की बात सुनकर अमित के साले डॉक्टर सत्य प्रकाश पांडेय और ससुर ने उसकी कार के पीछे लग गए। अचानक से अमित कार लेकर काशीपुरम कॉलोनी में घुस गया। कार को खाली पड़े प्लॉट के सामने खड़ी कर लाइसेंसी असलहे से कनपटी में गोली मार ली।
पास में ही खेल रहे बच्चों ने गोली की आवाज सुनी तो वो दौड़ कर पहुंचे। कार के अंदर का नजारा देख शोर मचाने लगे। मौके पर जुटे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। अमित की पत्नी शिक्षिका है। उसका बेटा 12वीं का छात्र है।
अमित पाठक के आत्महत्या के बाद मौके पर पहुंचे डॉक्टर सत्यप्रकाश पांडेय ने बताया की दोपहर तीन बजे उनके बहनोई यानि अमित घर पहुंचे। इसके बाद घर में बैठे पिता उदय नारायण पांडेय को लिफाफा बंद सुसाइड नोट थमा कर जाने लगा। इस दौरान सत्यप्रकाश ने उसे रोकने की कोशिश की तो अमित ने उनके ऊपर पिस्टल तान दी।