प्रधानाचार्य ने उनसे कहा कि सरस्वती पूजा (वसंत पंचमी) पर विद्यालय में अवकाश की सूचना उन्हें नहीं थी। जिस कारण आज विद्यालय में पठन-अध्यापन कार्य कराया जा रहा है। उधर, चेयरमैन ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन की शिकायत उच्चाधिकारियों से कर कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस मौके पर भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष अजीत गुप्ता, किरन यादव, लालती देवी, लक्ष्मी देवी, सुधा तिवारी, अंजू देवी आदि मौजूद रहीं। उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक फूलचंद यादव का कहना था कि किसी मामले की शिकायत उन्हें नहीं मिली है।
विहिप ने जताई नाराजगी
विश्व हिंदू परिषद सोनभद्र के विभाग मंत्री राजेश सिंह ने कहा कि हिंदू धर्म में विद्या और बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का अहम स्थान है। बचपन से ही बच्चों को मां सरस्वती की पूजा और विद्या अध्ययन के लिए संस्कारित किया जाता है। आरोप लगाया कि सरस्वती पूजा के दिन भी विद्यालय खोला तो गया लेकिन बच्चों को पूजा में शामिल नहीं किया गया।
संगठन की आपत्ति के बाद सभी बच्चों को क्लास रूम से बुलाकर पूजा में शामिल किया गया। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण से राज्यसभा सांसद राम सकल को अवगत कराया है, जिस पर उन्होंने विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कराए जाने का आश्वासन दिया।
पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने जताई नाराजगी
पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजय राय ने पूरे प्रकरण को जिलाधिकारी के संज्ञान में लाते हुए उनसे कार्रवाई का मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय की प्रधानाचार्य सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने के साथ ही लोकतंत्र की आस्था से खिलवाड़ कर रही हैं। इस पूरे प्रकरण से जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
प्रधानाचार्य ने बात करने से किया इंकार
इस पूरे प्रकरण पर पत्रकारों ने जब विद्यालय की प्रधानाध्यापिका डैफनी एंगर से उनका पक्ष जानने की कोशिश की तो उन्होंने बात करने से इंकार करते हुए विद्यालय परिसर से बाहर जाने को कहा। प्रधानाध्यापिका के इस व्यवहार से पत्रकारों में नाराजगी है।