काशी में गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। सभी 84 घाट डूबने के बाद अब सड़कों तक बाढ़ का पानी आ गया है। इसी क्रम में सोमवार की सुबह सामने घाट की सड़कों तक गंगा का पानी पहुंच गया। बताया जा रहा है कि वर्ष 2019 के बाद छह साल बाद सामने घाट की सड़कों से लेकर ट्रॉमा सेंटर तक बाढ़ का पानी आया है। पूरी सड़क जलमग्न हो गई है।
जिले के 20 बाढ़ राहत शिविरों में 605 परिवारों के 2877 लोगों ने शरण लिया है। 577 परिवार ऐसे हैं जो अन्य जगहों पर डेरा डाले हैं। सरैयां, सराय मोहाना, पुराने पुल, सलारपुर, शैलपुत्री, कोनिया, नक्खी घाट, सामने घाट, ढेलवरिया, सुजाबाद, डोमरी, अस्सी, दशाश्वमेध, लोहता, चिरईगांव समेत कई क्षेत्रों में तेजी से पलायन हो रहा है।
प्रशासन की तरफ से रोस्टर के हिसाब से लंच पैकेट, फल, दूध पैकेट आदि लोगों को दिए जा रहे हैं। शिविर में रहने वाली सुमन ने बताया कि बाढ़ का पानी अचानक से घर में आ गया। इससे सामान खराब हो गया है। नाज्मा ने बताया कि साड़ी का कारोबार होता है।