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गजब का झोलझाल: पेयजल योजना में बॉन्ड के सहारे 13 लाख रुपये पी गए अफसर, ये रिपोर्ट पढ़कर चकरा जाएंगे आप!

Fri, 22 Dec 2023 01:37 PM IST
किरन रौतेला शशांक मिश्र, अमर उजाला, वाराणसी

सार

तीन वर्ष पहले ककरहिया में पेयजल योजना के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का बजट शासन से स्वीकृत हुआ। इस योजना में निविदा कम मूल्य के कारण करीब 30 लाख रुपये कम में ही एक फर्म को काम स्वीकृत किया गया। यहां काम पूरा होने के बाद अधिकारियों ने बाकी बचे रुपयों को बांड के जरिये कागजों पर खर्च कर दिया।
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पेयजल योजना - फोटो : SAHARANPUR
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विस्तार
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भले ही वाराणसी जिला प्रशासन जीरो टॉलरेंस नीति का दावा करता है, मगर जल निगम की कहानी अलग है। जिले में ककरहिया और अंबा पेयजल योजना का काम पूरा होने के बाद अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से एक ही फर्म के माध्यम से अनुबंध कराकर 14 कामों के नाम पर 13 लाख रुपये का बंदरबांट कर लिया गया। यह मामला महज उदाहरण है, एक वर्ष में पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि अनुबंध के आधार पर निकाल ली गई है। अभियंताओं के इस खेल की जानकारी पूरे महकमे को है, मगर शिकायत दर्ज नहीं होने के कारण अब तक मामला फाइलों में ही दबा है। 

तीन वर्ष पहले ककरहिया में पेयजल योजना के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का बजट शासन से स्वीकृत हुआ। इस योजना में निविदा कम मूल्य के कारण करीब 30 लाख रुपये कम में ही एक फर्म को काम स्वीकृत किया गया। यहां काम पूरा होने के बाद अधिकारियों ने बाकी बचे रुपयों को बांड के जरिये कागजों पर खर्च कर दिया। इसमें दो ही फर्म भारत एंड कंपनी और मे. राजेश प्रताप सिंह को 13 लाख रुपये का काम 14 किस्तों में कराया गया। दरअसल, सरकारी विभागों में एक लाख रुपये से कम लागत के काम को स्टांप पर अनुबंध कराकर कराने का प्रावधान है। इसी नियम का फायदा उठाते हुए ककरहिया और अंबा पेयजल योजना में लीकेज, इंटरलॉकिंग, पेंटिंग के काम के नाम पर 80 से 90 हजार रुपये की 14 किस्त निकाल ली गई।

 

 

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एक ही काम के नाम पर दो-दो बार भुगतान

अनुबंध के जरिये कागजों पर कराए गए काम में ककरहिया में लीकेज के नाम पर एक ही अमाउंट के दो काम दिखाए गए हैं। अवर अभियंता के रजिस्टर में दर्ज बांड 71 से 85 तक इन्हीं दो परियोजनाओं के नाम पर हैं। ऐसे ही दो दर्जन से ज्यादा काम और भी कराए गए हैं, जिनका भी भुगतान एक ही फर्म को किया गया है।

 

बिना टेंडर रजिस्टर में दर्ज कराए काम का विवरण

बांड नंबर कराए गए काम लागत

71/एसके/2022-23 रिस्टेटमेंट ऑफ सीसी रोड ककरहिया            85,600

72/एसके/2022-23 लीकेज रिपेयरिंग ककरहिया                         87,688

73/एसके/2022-23 लीकेज रिपेयरिंग ककरहिया                          87,136

74/एसके/2022-23 ककरहिया में इंटरलॉकिंग                              87,675

75/एसके/2022-23 डिसमेंटलिंग ऑफ सीसी रोड                         87,831

76/एसके/2022-23 हाउस कनेक्शन अंबा पेयजल                         84,914

77/एसके/2022-23 रिस्टेटमेंट आफ बीईओ वर्क                          83,525

78/एसके/2022-23 पाइप लाइन जोड़ने का काम                         85,535

79/एसके/2022-23 पाइप लाइन जोड़ने का काम                         85,535

80/एसके/2022-23 रिपेयरिंग ऑफ लीकेज                                90,650

81/एसके/2022-23 ईंट का काम, ककरहीया                              87,210

82/एसके/2022-23 इंटर लॉकिंग का कार्य, ककरहीया                 84,830

83/एसके/2022-23 इंटर लॉकिंग का कार्य, ककरहीया                 84,830

84/एसके/2022-23 पेंटिंग का काम, ककरहीया                         86,850

85/एसके/2022-23 इंटरलॉकिंग का काम, ककरहीया                 87,250

 

बांड के जरिये एक ही फर्म से काम कराने का मामला संज्ञान में नहीं है। यह मेरे कार्यकाल से पहले का मामला होगा और यह बेहद गंभीर प्रतीत हो रहा है। इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। - विश्वेश्वर प्रसाद, मुख्य अभियंता, जल निगम

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