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चंदौली में 'स्मार्ट' धोखा: प्रीपेड मीटर...बिल जमा किया फिर भी 200 घरों की बत्ती गुल, चाैंकाने वाले केस

Fri, 03 Apr 2026 03:11 PM IST
Aman Vishwakarma अमरेंद्र पांडेय/ अखिलेश सिंह, अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली।

सार

Chandauli News: इस समस्या को लेकर बिजली उपकेंद्रों पर रोजाना शिकायतकर्ताओं की भीड़ उमड़ रही है, लेकिन समाधान के बजाय केवल आश्वासन मिल रहा है। खासकर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है।
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उपकेंद्र पर स्मार्ट मीटर की शिकायत लेकर पहुंचे उपभोक्ता। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP News: जिले में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था आम उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। बिजली कटौती, एडवांस भुगतान की अनिवार्यता, बैलेंस में गड़बड़ी और बिना सूचना आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याओं से लोग जूझ रहे हैं। 

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उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर को प्रीपेड प्रणाली में बदलने की प्रक्रिया से समस्याएं बढ़ गई हैं। कहीं बिना सूचना के कनेक्शन काटे जा रहे हैं तो कहीं भुगतान के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो रही है। तकनीकी खामियों और सूचना के अभाव में हजारों लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।

सबसे अधिक परेशानी उन परिवारों को है, जहां पहले से आर्थिक तंगी है। हिंदुवारी गांव की आशा देवी ने बताया कि घर में बेटी की शादी की तैयारी के बीच बिजली काट दी गई। पहले ही पैसे की कमी है, ऊपर से बकाया के साथ एडवांस जमा करने को कहा जा रहा है। जीवनाथपुर के एसडीओ अमर सिंह पटेल ने कहा कि स्मार्ट मीटर का निर्णय नीतिगत है। विभाग की भूमिका उपभोक्ताओं को जागरूक करने की है। उपकेंद्रों पर कर्मचारियों के व्यवहार की शिकायतों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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केस 1 : नियामताबाद विकासखंड के हिंदुवारी गांव निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि उनके बिजली खाते में पर्याप्त बैलेंस था, इसके बावजूद दो दिनों से उनका कनेक्शन कटा है। उनका कहना है कि वे दो दिनों से उपकेंद्र का चक्कर लगे रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने कर्मचारियों के व्यवहार पर भी सवाल उठाए।

केस 2 : पीडीडीयू नगर के चतुर्भुजपुर निवासी कुंजबिहारी मिश्र ने बताया कि पहले बैलेंस कम होने पर अलर्ट संदेश आता था, लेकिन इस बार बिना सूचना के बिजली काट दी गई। उन्होंने बताया कि मीटर में 2800 रुपये बकाया दिखा, मैंने 3000 रुपये जमा किए, लेकिन बिजली नहीं आई। बाद में मीटर माइनस में चला गया। फिर 500 रुपये और जमा करने पर आपूर्ति बहाल हुई।

केस 3 : पीडीडीयू नगर के लाखापुर गांव की कुसुम ने बताया कि उनके घर में बेटी की शादी है, किसी तरह पैसे जुटाकर शादी की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर के कारण बिजली काट दी गई। पहले से अधिक बिल आने और एडवांस भुगतान की अनिवार्यता को उन्होंने अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया।

एक नजर आंकड़ों पर
  • जिले में कुल उपभोक्ता 3 लाख
  • 1.5 लाख: स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं
  • बैलेंस समाप्त होने पर 3 दिन का अतिरिक्त समय
  • रिचार्ज के 2 घंटे के भीतर आपूर्ति बहाल होने का प्रावधान

कैसे काम करता है स्मार्ट मीटर
विद्युत निगम के एसई जसमीर सिंह ने बताया कि स्मार्ट मीटर से बिलिंग में पारदर्शिता, सटीक ऑटोमैटिक रीडिंग और मोबाइल पर खपत की रियल-टाइम जानकारी मिलती है। प्रीपेड सुविधा के कारण समय पर रिचार्ज संभव होता है। इससे मानवीय त्रुटि, गलत बिलिंग और बिजली चोरी में कमी आती है। साथ ही बैलेंस कम होने पर उपभोक्ताओं को अलर्ट संदेश भेजे जाते हैं।

रिचार्ज के बाद आपूर्ति बहाली का दावा
एसई ने बताया कि उपभोक्ता यूपीपीसीएल स्मार्ट एप अपने मोबाइल में डाउनलोड करें, जिससे उन्हें बिल संबंधी सही जानकारी मिल सके। सामान्यत: रिचार्ज के दो घंटे के भीतर आपूर्ति बहाल हो जाती है। यदि ऐसा न हो तो 1912 पर कॉल या व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। बैलेंस समाप्त होने पर तीन दिन का अतिरिक्त समय दिया जाता है।
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पुराना बकाया होने पर समायोजन का प्रावधान
एसई ने बताया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर में रिचार्ज की गई राशि से पुराने बकाया का आंशिक समायोजन किया जाता है। 10 हजार रुपये तक के बकाया पर 10 प्रतिशत, 10 से 15 हजार पर 15 प्रतिशत, 15 से 20 हजार पर 20 प्रतिशत और 20 हजार रुपये से अधिक बकाया पर 25 प्रतिशत राशि काटकर समायोजित की जाती है।
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