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बड़ा खुलासा: खटारा स्कूली बसों के भरोसे बच्चों की सुरक्षा, जौनपुर 606 वाहन अनफिट; परिवहन विभाग ने दिखाई सख्ती

Fri, 03 Apr 2026 02:54 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।

सार

Jaunpur News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के परिवहन विभाग के आंकड़ों ने पोल खोलकर रख दी है। अनफिट और मानक विहीन वाहनों को 15 अप्रैल के बाद सीज किया जाएगा। परिवहन विभाग ने इसको लेकर सख्ती दिखाई है। इसके साथ ही प्रबंधकों से पोर्टल पर शपथ पत्र मांगा गया है।
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शहर में बच्चों को ले जा रहा अनफिट वाहन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Jaunpur News: जौनपुर जिले के निजी स्कूलों में अभिभावकों से मोटी फीस तो वसूली जा रही है लेकिन बच्चों की सुरक्षा दांव पर है। परिवहन विभाग की ताजा पड़ताल में जिले के स्कूली वाहनों की डरावनी तस्वीर सामने आई है। आंकड़ों के मुताबिक, जिले में पंजीकृत करीब डेढ़ हजार स्कूली वाहनों में से 606 वाहन अनफिट पाए गए हैं, जो बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के सड़कों पर दौड़ रहे हैं।

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एआरटीओ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि अब स्कूल प्रबंधकों की मनमानी नहीं चलेगी। विभाग ने विशेष पोर्टल upisvmp.com लॉन्च किया है। विद्यालय प्रबंधन को अब इस पोर्टल पर शपथ पत्र देना होगा कि उनके वाहन मानक के अनुरूप हैं या नहीं? सुरक्षा के इंतजाम (सीसीटीवी, फर्स्ट एड बॉक्स, पैनिक बटन) दुरुस्त हैं या नहीं? फिटनेस और अन्य कागजों की वैधता की जानकारी भी इसी पोर्टल पर अपडेट करनी होगी।

15 अप्रैल तक की डेडलाइन : विभाग ने सभी स्कूल संचालकों को नोटिस जारी कर 15 अप्रैल तक का समय दिया है। यदि इस अवधि तक वाहनों की फिटनेस दुरुस्त नहीं कराई गई और पोर्टल पर जानकारी साझा नहीं की गई तो विभाग सीधे वाहन सीज करने की कार्रवाई करेगा। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल ऐसी चेतावनी सिर्फ कोरमपूर्ति तक सीमित रह जाती है, जिससे अनफिट वाहनों का संचालन बेखौफ जारी रहता है।

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आंकड़ों की नजर में
  • कुल पंजीकृत स्कूली वाहन- 1,500
  • जांच में अनफिट मिले वाहन- 606
  • अंतिम तिथि- 15 अप्रैल
  • विशेष निगरानी पोर्टल- upisvmp.com

अभिभावक कृपया ध्यान दें...
  • अनफिट वाहनों की भारी तादाद : जिले की लगभग 40 फीसदी स्कूली बसें तकनीकी रूप से असुरक्षित।
  • प्रबंधकों की जवाबदेही : अब पोर्टल पर ऑनलाइन शपथ पत्र देना अनिवार्य।
  • कड़ी कार्रवाई की चेतावनी : 15 अप्रैल के बाद सड़क पर दिखने वाले अनफिट वाहन होंगे सीज।
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15 तक से चलेगा विशेष अभियान
एआरटीओ ने बताया कि स्टांप पेपर पर नोटरी से सत्यापित शपथ पत्र को पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी होगा। इसमें वाहनों के सभी दस्तावेज सही होने की घोषणा करनी होगी। पोर्टल पर वाहन का पंजीकरण नंबर प्रकार, कितने वर्ष पुराना है, माडल, इंजन व चेसिस नंबर, स्वामी का विवरण, परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, जीपीएस और सीसीटीवी की जानकारी अपलोड करनी होगी। साथ ही चालक का नाम-पता, ड्राइविंग लाइसेंस, न्यूनतम पांच वर्ष का अनुभव, पुलिस सत्यापन, स्वास्थ्य परीक्षण और संपर्क विवरण भी देना होगा। शपथ पत्र में विद्यालय प्रबंधन को यह भी प्रमाणित करना होगा कि सभी वाहनों के दस्तावेज सही हैं।
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