वहीं, वाराणसी में पीएम मोदी के विरुद्ध सुभासपा ने पहले सिद्धार्थ राजभर को प्रत्याशी घोषित किया। इसके कुछ ही समय बाद पार्टी में हंगामा मच गया। इसके बाद सिद्धार्थ राजभर के फेसबुक पर जो जन्मतिथि दर्ज है, उसके अनुसार वह अभी सिर्फ 22 वर्ष के हैं जबकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 84ख के तहत लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम उम्र 25 साल होना जरूरी है।
पार्टी में हंगामे की स्थिति को देखते हुए तुरंत दूसरा उम्मीदवार घोषित किया गया। सुभासपा के प्रदेश महासचिव शशि प्रताप सिंह ने बताया कि पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर से बात कर के वाराणसी की लोकसभा सीट का प्रत्याशी बदल दिया गया।
सुभासपा ने अपना प्रत्याशी बदलते हुए वाराणसी से पार्टी के उपाध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद राजभर को उम्मीदवार घोषित किया। सुरेंद्र प्रसाद राजभर वाराणसी के रोहनिया थानाक्षेत्र के खनांव गांव के निवासी हैं। शशि प्रताप सिंह ने बताया कि सुरेंद्र प्रसाद 10 साल कर ग्राम प्रधान रहे हैं। साथ ही उनकी लोगों के बीच में अच्छी छवि है।