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शिवमय हुई काशी: सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में उमड़े भक्त, हुई हल्की बारिश ; यहां देखें पल-पल के अपडेट

Mon, 22 Jul 2024 07:58 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

Varanasi News: श्री काशी विश्वनाथा धाम के अलावा काशी के अन्य शिवालयों पर भी सोमवार को भक्तों की काफी भीड़ रही। सुरक्षा को लेकर प्रशासन भी दुरुस्त दिखा। 
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कतारबद्ध होकर जलाभिषेक और दर्शन-पूजन का इंतजार करते शिवभक्त। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिव की नगर काशी में सावन का प्रथम सोमवार बड़े ही श्रद्धा और मनोभाव के साथ मनाया जा रहा है। कांवड़ियों के साथ आम भक्तों ने हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ गंगा में डुबकी लगाई उसके बाद बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। देर रात से ही भक्त कतारबद्ध होकर अपनी पारी का इंतजार कर रहे थे।

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आरती के बाद मंदिर का पट खुलते ही काशी विश्वनाथ का जयघोष होने लगा। सबसे पहले 21 यादव बंधुओं ने बाबा का जलाभिषेक किया। इसके बाद श्रद्धालु एक-एक कर बाबा दरबार में मत्था टेकते रहे। जलाभिषेक का दौर चलता रहा।
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चौक से दशाश्वमेध और मैदागिन से श्री काशी विश्वनाथ धाम तक श्रद्धालु कतारबद्ध रहे। मंदिर परिसर में जिगजैग की व्यवस्था की गई थी ताकि अधिक से अधिक शिव भक्त अंदर रहे। उनके लिए धूप से बचने की भी व्यवस्था की गई थी।



देर रात से ही खड़े भक्त मंदिर का पट खुलने का इंतजार कर रहे थे। पट खुलने की घोषणा होते ही भक्त दर्शन के लिए तैयार हो गए। मंदिर के मुख्य द्वार पर कमिश्नर कौशल राज शर्मा भी पहुंच गए थे। भक्तों के मंदिर प्रवेश से पूर्व उन पर पुष्पा वर्षा भी की गई।



जिला प्रशासन के निर्देशानुसार काशी विश्वनाथ परिसर में पहली बार मात्र 21 यादव बंधुओं ने बाबा का जलाभिषेक के किया। यादव बंधु ललिता घाट से गंगा जल लेकर बाबा के दरबार में हर-हर महादेव का उद्घोष करते हुए पहुंचे। पूरी सुरक्षा के साथ उन्होंने बाबा का जलाभिषेक किया। 

शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा करते मुस्लिम समाज के लोग। - फोटो : अमर उजाला
मुस्लिमों ने शिव भक्तों पर की पुष्पवर्षा
पहले सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर उस वक्त गंगा-जमुनी तहजीब देखने को मिली जब मुस्लिम समाज के लोग शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा करने लगे। इसे देखकर पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और जय श्रीराम के नारे से गूंजायमान हो गया। हाथ में तिरंगा और हाथों में गुलाब के फूल की पंखुड़ियां लेकर पहुंचे मुस्लिम समाज के लोगों ने शिव भक्तों के गले लगकर उन्हें सावन की शुभकामनाएं दीं।

घाट पर मां गंगा की आरती करते नमामि गंगे के सदस्य। - फोटो : अमर उजाला
सावन के प्रथम सोमवार को हजारों ने लिया गंगा निर्मलीकरण का संकल्प
सावन के प्रथम सोमवार को नमामि गंगे ने श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार पर गंगा निर्मलीकरण का आवाह्न किया। गंगा स्नान व श्री काशी विश्वनाथ का दर्शन करने के लिए गंगा द्वार पर उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं के साथ आरती करके स्वच्छता का संकल्प दिलाया।

राष्ट्रध्वज, स्वच्छता स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया गया। 'आओ घर-घर अलख जगाएं- मां गंगा को निर्मल बनाएं' व 'सबका साथ हो गंगा साफ हो' के उद्घोष के बीच मां गंगा की आरती उतारी गई। गंगा किनारे की गंदगी को साफ किया गया। 

सफाई के पश्चात सदस्यों ने काशी विश्वनाथ के दर्शन को कतारबद्ध श्रद्धालुओं को शीतल जल एवं चाय पिलाकर भक्तों की प्यास बुझाई। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि सावन शिव को प्यारा है और शिव हम सभी के प्यारे हैं। 

भगवान शिव हमें वसुधैव कुटुंबकम और पर्यावरण संरक्षण की परिकल्पना समझाते हैं।  बाबा से हमने खुशहाल, समृद्धिशाली और आत्मनिर्भर भारत की कामना की है। आयोजन में नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

नाराजगी जाहिर करते यादव बंधु। - फोटो : अमर उजाला
यादव बंधुओं ने काशी विश्वनाथ का किया जलाभिषेक
वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन सावन के पहले सोमवार को हुआ। यादव बंधुओं ने केदारघाट से गंगा जल लेकर काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। देर रात से ही आसपास के जिलों से यादव बंधुओं का केदारघाट पहुंचने का क्रम जारी था।



इस दौरान शहर और आसपास के जिलों से आए 50,000 की संख्या से ज्यादा यादव बंधु केदार घाट से जलपात्र में गंगा जल भर के जैसे ही केदारघाट की गलियों से होते हुए सोनारपुरा चौराहे पहुंचे तो डमरू की आवाज और हर ओर हर-हर महादेव, जय काशी विश्वनाथ से गुंजायमान होने लगा।

शोभायात्रा अपने पारंपरिक रास्ते तिलभांडेश्वर होते हुए काशी विश्वनाथ पहुंची। इस दौरान 21 लोगों के गर्भगृह में जलाभिषेक पर यादव बंधुओं ने नाराजगी जताई है। यादव बंधुओं का कहना है कि ये हमारी वर्षों पुरानी परंपरा है, कुछ लोग इसे खत्म करना चाहते हैं, इसीलिए हम इसका विरोध कर रहे हैं। पहले जलाभिषेक करने पहुंचने वाले सभी यादव बंधु जलाभिषेक करते थे।
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बेहोश व्यक्ति के पास मौजूद पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ मंदिर के पास बेहोश होकर गिरा शख्स
काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के बाहर कतारबद्ध खड़ा एक भक्त गश खाकर गिर पड़ा। उसके अचानक गिरते ही मौके पर हड़कंप मच गया। यहां मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने उस व्यक्ति के चेहरे पर पानी डालकर होश में लाया। तब तक उसके मुंह से खून भी निकलने लगा।
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