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Sawan 2024: 108 बोतल मदिरा से हुआ कालभैरव का श्रृंगार, बर्फ की सिल्लियों से अमरनाथ धाम की सजी झांकी

Wed, 31 Jul 2024 12:41 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

Varanasi News: बाबा कालभैरव के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ मौजूद रही। साथ ही बाबा का बर्फ की 151 सिल्लियों से भी झांकी सजाई गई थी। मनोहारी श्रृंगार देख भक्त मोहित हो गए। हर कोई बाबा के जयकारे लगा रहा था।
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काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव का किया गया श्रृंगार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बाबा कालभैरव ने बाबा बर्फानी के रूप में भक्तों को दर्शन दिए। 151 बर्फ की सिल्लियों से अमरनाथ और केदारनाथ की झांकी सजाई गई। बाबा का शृंगार हुआ। इस दौरान 108 बोतल मदिरा की माला पहनाई गई।

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बाबा के वार्षिक शृंगार पर मंदिर में दर्शन के लिए सुबह से ही भक्त पहुंचने लगे। मंगला आरती के बाद दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर में ढाई घंटे तक महंत पं. रमेश दुबे के आचार्यत्व में पुजारी पं. पवन उपाध्याय की देखरेख में बाबा का शृंगार किया गया। पंचामृत स्नान कराकर सिंदूर का लेप लगाया गया। स्वर्ण मुखौटा धारण कराने के बाद फल व फूल सहित विविध नैवेद्य अर्पित किए गए।

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अपराह्न 3.30 बजे के बाद मंदिर के पट खुले तो बाबा के जयकारे के साथ भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। मंदिर के बाहर सड़क तक लाइन लगी थी। रात 12 बजे शयन आरती के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए गए। पं. पवन उपाध्याय ने बताया कि कोलकाता के कारीगरों ने देसी-विदेशी फूलों के अलावा कामिनी की पत्तियों से मोहक सजावट की गई थी। मंदिर बाबा के जयकारे से गूंजता रहा।

भक्तों में ही बंट जाता है प्रसादः बाबा कालभैरव को मदिरा की 108 बोतलों की माला बनाकर पहनाया गया था। पुजारी पवन उपाध्याय ने बताया कि भक्त मदिरा चढ़ाते हैं, उसे उन्हीं में वितरित कर दिया जाता है।

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रावण को राम ने नहीं, उनके अहंकार ने मारा: बालव्यास

कथा के दौरान आरती करते अर्चक। - फोटो : अमर उजाला
कथा मर्मज्ञ पं. श्रीकांत शर्मा बालव्यास ने कहा कि जो जीवन में प्रभु का भजन नहीं करता, विपत्ति उसके जीवन की साथी होगी। माता सीता के लंका में राक्षसों से घिरे रहने के बावजूद उन पर कोई विपदा नहीं आई। क्योंकि वह हर क्षण प्रभु का ही स्मरण करती रहती थी। 

श्री काशी सत्संग सेवा समिति की ओर से महमूरगंज स्थित एक लॉन में चल रही श्रीरामकथा के नौवें दिन मंगलवार को कथा रसपान कराते हुए उन्होंने कहा कि रावण का सर्वनाश उसके अहंकार के कारण हुआ। रावण को राम ने नहीं, बल्कि उसके अहंकार ने मारा।

बालव्यास ने कहा कि जिसे प्रभु श्रीराम ठुकरा देते हैं, उसे संपूर्ण ब्रह्मांड में कोई नहीं शरण दे सकता। गोपाल मंदिर के षष्ठ पीठाधीश्वर गोस्वामी श्याम मनोहर महाराज का भी आशीर्वचन हुआ। 

मुख्य यजमान दुर्गा देवी धानुका, गणपत राय धानुका सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने प्रभु श्रीराम की प्रतिमा व व्यासपीठ का पूजन किया। इस मौके पर महावीर प्रसाद बजाज, दीपक बजाज, भरत सराफ, राधे गोविंद केजरीवाल, अनूप सराफ, सुरेश तुलस्यान, शान्ति देवी रूंगटा, श्याम बजाज, महेश चौधरी आदि रहे। अंतिम दिन बुधवार को सुबह नौ बजे से कथा स्थल पर रुद्राभिषेक होगा।

वहीं, मारवाड़ी युवा मंच, वरुणा शाखा द्वारा मंगल उत्सव मनाया गया। राम दरबार की भव्य झांकी सजाई गई। काशी की प्रसिद्ध गंगा आरती की तर्ज पर आरती उतारी गई, आरती में पूनम केजरीवाल, सचिव श्वेता खेतान, कोषाध्यक्ष श्रद्धा अग्रवाल, दीपा सराफ, नेहा अग्रवाल, श्रेया केजरीवाल, मुस्कान झुनझुनवाला आदि शामिल रहीं।
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