कथा के दौरान आरती करते अर्चक।
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कथा मर्मज्ञ पं. श्रीकांत शर्मा बालव्यास ने कहा कि जो जीवन में प्रभु का भजन नहीं करता, विपत्ति उसके जीवन की साथी होगी। माता सीता के लंका में राक्षसों से घिरे रहने के बावजूद उन पर कोई विपदा नहीं आई। क्योंकि वह हर क्षण प्रभु का ही स्मरण करती रहती थी।
श्री काशी सत्संग सेवा समिति की ओर से महमूरगंज स्थित एक लॉन में चल रही श्रीरामकथा के नौवें दिन मंगलवार को कथा रसपान कराते हुए उन्होंने कहा कि रावण का सर्वनाश उसके अहंकार के कारण हुआ। रावण को राम ने नहीं, बल्कि उसके अहंकार ने मारा।
बालव्यास ने कहा कि जिसे प्रभु श्रीराम ठुकरा देते हैं, उसे संपूर्ण ब्रह्मांड में कोई नहीं शरण दे सकता। गोपाल मंदिर के षष्ठ पीठाधीश्वर गोस्वामी श्याम मनोहर महाराज का भी आशीर्वचन हुआ।
मुख्य यजमान दुर्गा देवी धानुका, गणपत राय धानुका सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने प्रभु श्रीराम की प्रतिमा व व्यासपीठ का पूजन किया। इस मौके पर महावीर प्रसाद बजाज, दीपक बजाज, भरत सराफ, राधे गोविंद केजरीवाल, अनूप सराफ, सुरेश तुलस्यान, शान्ति देवी रूंगटा, श्याम बजाज, महेश चौधरी आदि रहे। अंतिम दिन बुधवार को सुबह नौ बजे से कथा स्थल पर रुद्राभिषेक होगा।
वहीं, मारवाड़ी युवा मंच, वरुणा शाखा द्वारा मंगल उत्सव मनाया गया। राम दरबार की भव्य झांकी सजाई गई। काशी की प्रसिद्ध गंगा आरती की तर्ज पर आरती उतारी गई, आरती में पूनम केजरीवाल, सचिव श्वेता खेतान, कोषाध्यक्ष श्रद्धा अग्रवाल, दीपा सराफ, नेहा अग्रवाल, श्रेया केजरीवाल, मुस्कान झुनझुनवाला आदि शामिल रहीं।