गुप्तकाशी शिवद्वार धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब
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सोनभद्र जिले में सावन माह के पहले सोमवार पर गुप्त काशी के नाम से प्रसिद्ध शिवद्वार धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। तड़के तीन बजे मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके बाद देर शाम तक भगवान उमामहेश्वर के जलाभिषेक और दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा।
मंदिर प्रशासन के अनुसार पहले सोमवार को 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान उमामहेश्वर का जलाभिषेक किया। वहीं पांच हजार से अधिक कांवड़िए विभिन्न घाटों से पवित्र जल लेकर शिवद्वार धाम पहुंचे। श्रद्धालु मिर्जापुर, चुनार, बलिया घाट, विजयगढ़, चोपन सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचे।
शिवद्वार धाम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां शिवलिंग नहीं, बल्कि भगवान शिव और माता पार्वती की प्राचीन प्रतिमा पर जलाभिषेक किया जाता है। मान्यता है कि 11वीं शताब्दी की यह प्रतिमा अत्यंत प्राचीन है और भगवान शिव यहां पूरे परिवार के साथ विराजमान हैं। इसी विशेषता के कारण यह मंदिर श्रद्धालुओं की विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है।
सावन माह में शिवद्वार धाम में लगने वाले धार्मिक मेले की भी सोमवार को खूब रौनक रही। मंदिर परिसर के बाहर 150 से अधिक छोटी-बड़ी दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। पूजा सामग्री, प्रसाद, खिलौने और खानपान की दुकानों पर दिनभर चहल-पहल बनी रही। पूरा धाम 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से गुंजायमान रहा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। क्षेत्राधिकारी घोरावल राजेश कुमार राय ने बताया कि बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड, सीसीटीवी कैमरों और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। पूरे दिन दर्शन और जलाभिषेक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।