मंदिरों के शहर बनारस में एक मंदिर ऐसा भी है जहां 151 नर्मदेश्वर के साथ ही द्वादश ज्योतिर्लिंग के भी दर्शन सहजता से होते हैं। महाकाल की तर्ज पर ही यहां महादेव की भस्म आरती होती है। धर्मसम्राट करपात्री जी महाराज की तपस्थली पर निर्मित मणि मंदिर में श्रद्धालुओं को सहजता से शैव और वैष्णव का संगम नजर आता है।
प्रभु श्रीराम दरबार की झांकी सहेजे यह मंदिर आठ दशक पहले 1940 में स्थापित किया गया था। 43 हजार वर्गफीट में निर्मित इस मंदिर में भगवान राम के दरबार के साथ ही शिव, शक्ति और पंचदेवों के दर्शन एक साथ होते हैं। राम दरबार के ठीक सामने विशाल मंडप के मध्य पांच फीट आकार के उज्जैन के महाकाल के प्रतिरूप में शिवलिंग है। उसके दोनों तरफ 151 नर्मदेश्वर शिवलिंगों की कतार है।