सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक करते प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी
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डीजीपी ने कहा कि कांवर यात्रा के दौरान सीसी कैमरे के लाइव फीड लेने का नेटवर्क बनाएं। सीसी कैमरे के माध्यम से रूट का जायजा लेते रहें। प्रयागराज से बनारस तक एनएच-2 के एक रूट को पूरी तरह कांवरियों के लिए बंद रखें। ट्रैफिक एडवाइजरी पहले से जारी कर दें ताकि लोगों को इसकी जानकारी हो सके। डायवर्जन प्लान अन्य जिलों से भी साझा करें। सड़क को जिग-जैग करें, ताकि कोई स्पीड में न आए। पुलिस ने अपनी तैयारियों के संबंध में पीपीटी के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी।
अधिकारियों ने दर्शन कर बाबा विश्वनाथ का लिया आशीर्वाद
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डीजीपी ने कहा कि श्रद्धालुओं की तैयारियों के लिए मंदिर परिक्षेत्र के आसपास अमानती घर, अस्पताल, खोया पाया केंद्र आदि की उचित व्यवस्था कराई गई है। संवेदनशील स्थलों तथा मिश्रित भीड़ वाले जगहों को चिह्नित करते हुए उनके लिए अलग से रणनीति तैयार की गई है।
श्रद्धालुओं के स्नान के लिए गंगा में 9 जेटी के साथ पानी के अंदर भी उचित व्यवस्था की गई है। कुछ प्रमुख मार्गों को नो व्हीकल जोन बनाए गए हैं। इसमें मैदागिन से चौक, गोदौलिया होते हुए रामापुरा तक, गोदौलिया से पांडेय हवेली तक, श्री काशी विश्वनाथ मार्ग हैं। बाबा विश्वनाथ मंदिर के अलावा बनारस के अन्य प्रमुख मंदिरों के संबंध में भी पूरी तैयारी की गई है।
जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने वाराणसी की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ मिलकर पूरे रूट का रिहर्सल कर लिया गया है। कहीं पर भी खंभों में करंट न उतरे इसके लिए जगह-जगह पर ट्रांसफार्मर को ढंकने की भी व्यवस्था की गई है। रूट के ट्रांसफार्मर को कवर किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई समस्या न हो इसके लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग से मोहनसराय से आने वाले रास्ते की बैरिकेडिंग कराई जा रही है। इसके साथ ही मेडिकल टीम की उपलब्धता के लिए स्वास्थ्य विभाग को लगाया गया है।