काशी विश्वनाथ धाम में अखिलेश यादव (फाइल)
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पूर्व मुख्यमंत्री व सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट कर शुल्क बढ़ोतरी के फैसले पर आपत्ति जताई और इस फैसले को वापस लेने की मांग की। अखिलेश यादव ने रविवार को ट्वीट किया, भाजपा सरकार से आग्रह है कि बाबा विश्वनाथ जी के दर्शन पर शुल्क लगाकर गरीबों, सच्चे भक्तों व आम जनता से 'दर्शन का अधिकार' न छीने। भाजपा ने धर्म को व्यापार बना लिया है। निंदनीय। वहीं कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष अजय राय ने भी बढ़े शुल्क के फैसले को वापस लेने की मांग की है।
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष राकेश जैन ने भी काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए बढ़ाए गए शुल्क पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि काशी विश्वनाथ धाम आस्था का प्रतीक है। शुल्क वृद्धि का व्यापार मंडल पुरजोर विरोध करेगा। कहा, मंदिर प्रशासन अमीर और गरीब में भेदभाव कर रहा है जो गलत है। शुल्क वृद्धि तत्काल वापस ली जाए। राजू बाजोरिया, विनोद अग्रवाल, राजेश यादव, अशोक पाहुजा, दिनेश चौरसिया आदि ने भी विरोध जताया। संवाद
मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि सावन में सुगम दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को 500 रुपये, मंगला आरती के लिए एक हजार, मध्याह्न भोग आरती के लिए 500 रुपये, सप्तर्षि आरती के लिए 500, भोग आरती के लिए 500 रुपये देने होंगे।
वहीं शास्त्री से रुद्राभिषेक कराने के लिए 700, पांच शास्त्री से रुद्राभिषेक के लिए 2100 रुपये, संन्यासी भोग के लिए 4500 रुपये शुल्क निर्धारित किए गए हैं। सावन के सोमवार पर सुगम दर्शन के लिए 750 रुपये, मंगला आरती के लिए 2000 रुपये, पांच शास्त्री से रुद्राभिषेक के लिए 3000 रुपये, संन्यासी भोग के लिए 7500 रुपये और शृंगार के लिए 20 हजार रुपये शुल्क देने होंगे।