सावन में धाम के आसपास वाले क्षेत्रों के होटलों, गेस्ट हाउस में बिल्कुल जगह नहीं है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड वेंड, कपड़े, पूजा सामग्री के कारोबार ने रफ्तार पकड़ ली है।
सावन में शहर के होटल, गेस्ट हाउस और लॉज के साथ खानपान के कारोबार ने रफ्तार पकड़ ली है। श्री काशी विश्वनाथ धाम समेत अन्य शिवालयों में जलाभिषेक और भ्रमण के लिए आने वाले सैलानियों से होटल और गेस्ट हाउस लगभग फुल हैं। छावनी स्थित बड़े होटलों में ठहरने के लिए कमरे नहीं मिल रहे हैं। गेस्ट हाउस, लाॅज और धर्मशाला में भी एक हजार से 15 सौ रुपये में कमरे नहीं मिल रहे हैं।
सावन में महत्वपूर्ण तिथियों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही से होटल व्यवसाय में बूम है। हालांकि, बारिश के चलते सैलानियों की संख्या पहले से थोड़ी कम हुई है। - गोकुल शर्मा, अध्यक्ष, बनारस होटल एसोसिएशन
सावन में घाट किनारे के गेस्ट हाउस और होटलों में जगह नहीं है। श्रद्धालुओं के आगमन से छोटे-बड़े होटलों में भीड़ है। पहले से बुकिंग कराने वालों को ही कमरे दिए जा रहे हैं। -राहुल सिंह, होटल प्रबंधक
काशी विश्वनाथ धाम के अंदर थ्री स्टार होटल जैसी सुविधाएं
काशी विश्वनाथ धाम के अंदर श्री भीमाशंकर अतिथि गृह भी श्रद्धालुओं से पटा हुआ है। दर्शनार्थियों को थ्री स्टार होटल जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। एक तरफ बाबा का दरबार तो दूसरी ओर उत्तरवाहिनी गंगा। अतिथि गृह साउथर्न ग्रैंड काशी के मैनेजिंग डायरेक्टर ए कृष्ण मोहन ने बताया कि पहले से ही बुकिंग के आधार पर श्रद्धालुओं को कमरे दिए जा रहे हैं। दर्शनार्थी अतिरिक्त शुल्क के साथ गंगा आरती, एयरपोर्ट और स्टेशन छोड़ने और आसपास के भ्रमण की भी सुविधा ले सकते हैं।