सावन में पहली बार ललिता घाट पर लगी कतार
- फोटो : अमर उजाला
बीते 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री काशी विश्वनाथ धाम का उद्घाटन किया था और उसके बाद यह पहला सावन है जब देश भर से कांवड़िए बाबा के धाम जलाभिषेक के लिए आ रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए कराई गई बैरिकेडिंग में रेड कार्पेट बिछाया गया है।
चितरंजन पार्क में कांवड़ियों के लिए शिविर की शुरुआत भी हो गई है। कांवड़ियों की कतार गेट नंबर एक ढुंढिराज गणेश से होते हुए बांसफाटक से आगे गोदौलिया तक लगी है। ललिता घाट से बाबा दरबार तक कतार लगी है।
ललिता घाट पर लगी भक्तों की कतार
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सावन के पहले सोमवार पर शहर में कांवड़ियों के आगमन को देखते हुए डायवर्जन है। घर से निकलने से पहले रूट डायवर्जन जरूर देखें। बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम को जोड़ने वाले मार्गों को नो व्हीकल जोन किया गया है। एडीसीपी ट्रैफिक डीके पुरी के अनुसार मैदागिन-गौदोलिया-सोनारपुरा चौराहा, गुरुबाग-रामापुरा-बेनिया तिराहा, रवींद्रपुरी स्थित ब्राडवे होटल तिराहा-सोनारपुरा-गोदौलिया और भेलूपुर चौराहा से रामापुरा चौराहा तक नो व्हीकल जोन रहेगा।
मंगलवार की सुबह आठ बजे तक इन रूटों पर किसी भी प्रकार के वाहनों की आवाजाही नहीं है। सिर्फ पैदल ही लोग आवाजाही कर रहे हैं। मार्कंडेय महादेव धाम में जलाभिषेक को देखते हुए कैथी तिराहे पर धाम से तीन किलोमीटर दूर बैरिकेडिंग करते हुए रविवार शाम से ही सभी वाहनों को रोक दिया गया। श्रद्धालु पैदल ही मंदिर व गंगा घाट तक जा रहे हैं।