- 14 घंटे के निराजल व्रत के बाद चंद्रोदय के साथ पूर्ण हुआ करवाचौथ
- गजकेशरी योग में हुआ शिव-शिवा, भगवान गणेश, कार्तिकेय और चंद्रमा का पूजन
- चंद्रोदयव्यापिनी चतुर्थी में महिलाओं ने की अखंड सौभाग्य की कामना
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। 14 घंटे के इंतजार के बाद आसमान में जैसे ही चांद नजर आया, व्रती महिलाओं का इंतजार खत्म हुआ। चलनी की ओट से चंद्रमा को निहारा और पहला अर्घ्य अर्पित किया। गजकेशरी योग में शिव-शिवा, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय और चांद की पूजा की। घरों के साथ ही मंदिरों में भी करवाचौथ का पूजन हुआ।
रविवार को अखंड सौभाग्य और सुहाग की मंगलकामना के लिए सुहागिन महिलाओं नेसुबह स्नानादि करके तिथि, वार, नक्षत्र का उच्चारण कर हाथ में जल, अक्षत, पुष्प, द्रव्य लेकर व्रत का संकल्प लिया। दिन चढ़ने के साथ ही घरों में पूजन की तैयारियां शुरू हो गईं। कहीं प्रसाद तैयार हो रहे थे तो कहीं भोग के लिए व्यंजन। शाम ढलते ही चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए महिलाएं परिवार के साथ छतों पर जमा हो गई। चांद का इंतजार करते हुए भजन-कीर्तन किया।
देर शाम 7:40 बजे जब बादलों की ओट से चांद आसमान में नजर आया तो महिलाओं ने पहले पूजा की। पूजन के बाद पहला अर्घ्य चंद्रमा को अर्पित किया। इसके बाद परंपरागत रूप से चलनी की ओट से चांद को देखा और लोक मान्यताओं के अनुसार व्रत पूरा किया। महिलाओं ने चौथ माई की कथा सुनी और मिठाई आदि का भोग लगाकर करवा फेरने की रस्म निभाई। पति के हाथों से जल पीकर व्रती महिलाओं ने व्रत का पारण किया। शहर भर में जगह-जगह आतिशबाजी भी हुई।
दक्षिणेश्वरी काली मंदिर में समूह में एकत्र होकर महिलाओं ने करवाचौथ का पूजन किया। मंदिर के व्यवस्थापक राजू गिरी ने संपूर्ण पूजन का इंतजाम कराया। व्रत पूरा होने के बाद महिलाओं ने भगवान शिव के मंदिरों में दर्शन-पूजन कर दीप जलाए। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, महामृत्युंजय मंदिर, जागेश्वर महादेव, तिलभांडेश्वर महादेव, गौरी केदारेश्वर महादेव सहित गणेश और विष्णु मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतार लगी रही।
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दोपहर बाद तक बाजार रहे गुलजार
करवाचौथ व्रत की पूजन सामग्री खरीदने के लिए बाजार में भीड़ नजर आई। शहर के विशेश्वरगंज, चेतगंज, सिगरा, शिवपुर, पांडेयपुर, सोनारपुरा, लंका, औसानगंज, प्रह्लादघाट सहित अन्य बाजार में पूजन सामग्री की खरीदारी दोपहर बाद तक चलती रही। बाजार में कपड़ा, करवा, ज्वेलरी और सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर भीड़ रही।