उनके शेर पर सभागार में ठहाके लगते थे। उनका शेर- जिनकी गर्दन पर है खून मजलूम का, जानते सब हैं पहचानता कौन है और आशिकी पर उनके शेर - घर में घुस जाऊं मगर खौफ है पिट जाने का, उनकी अम्मा है पहलवान बड़ी मुश्किल है, को लोगों ने काफी सराहा है। शिक्षा जगत में व्याप्त कुरीतियों पर उन्होंने -नाली बनाने के लिए बीटेक चाहिए, कानून बनाने के लिए अंगूठा टेक चाहिए... से प्रहार किया है।