कहा कि सामाजिक सरोकार के लिए कार्य करना संगठन का पवित्र उद्देश्य और लक्ष्य दोनों है। ऐसे में यह ध्यान रखना चाहिए कि संगठन को मजबूती देने का कार्य प्रभावित न होने पाए। प्रचारक पदाधिकारियों को प्रेरित करें कि वह क्षेत्र में अपना प्रवास बढ़ाएं।
ऐसा करके वह अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ सकेंगे। शाखाओं में होने वाले कार्यक्रमों की निरंतरता बनाए रखने और संगठन की बैठक के नियमित आयोजन किया जाए। बैठक में प्रांत के जिला, विभाग और प्रांत प्रचारकों के अलावा अनुषंगिक संगठनों के करीब 50 प्रचारकों की मौजूदगी रही।
संघ के प्रमुख की दो सत्रों में हुई बैठक के अलावा भी दो बैठकें हुईं, जिसे प्रचारकों को प्रांत प्रचारक रमेश ने लिया। उन्होंने संगठन की मजबूती के लिए प्रचारकों द्वारा किए जा रहे कार्य की समीक्षा की।