अखिल भारतीय सन्त समिति के महामंत्री ने वृंदावन की होली में गैर हिन्दुओं के प्रवेश वर्जित वाले निर्णय का समर्थन किया है। यह भी कहा कि रमजान के अवसर पर लाउडस्पीकर लगाकर ध्वनि प्रदूषण नहीं होने चाहिए।
रमाजन के महीने में लाउडस्पीकर लगाकर नमाज पढ़ना किसी भी तरीके से तर्कसंगत नहीं है। उक्त बातें सोमवार को अखिल भारतीय सन्त समिति और गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती ने कही। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक और ध्वनि प्रदूषण की दृष्टि से यह सही नहीं है।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने ध्वनि प्रदूषण पर जो प्रतिबंध लगाया है, उसका पालन होना चाहिए। सन्त समिति इसका समर्थन भी करती है। उन्होंने पूछा कि हिन्दू बहूल देश और राज्य में एक विशेष समुदाय ध्वनि के माध्यम से क्या बताना चाहता है? अल्लाह हो अकबर... से क्या बताना चाहते हैं? बस यही ईश्वर है... यह बताना गलत है। सभी को सरकार के नियम का पालन करना चाहिए।
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इसी क्रम में स्वामी जीतेन्द्रानन्द ने कहा कि वृंदावन के सन्तों ने मांग किया है कि गैर हिन्दू और सनातन यहां की होली में हिस्सा नहीं लेंगे, इसका सन्त समिति समर्थन करती है। विशेष समुदाय के लोग रंग में भंग डाल सकते हैं। ऐसे लोगों को रोटी भी कुंभ से चाहिए और माैज-मस्ती हमारे त्योहार से चाहिए।
कहा कि होली लिंग, भेद से ऊपर यानी सनातनियों का त्योहार है। इस त्योहार में हमारी मां-बहनें भी हिस्सा लेती हैं, इसलिए इसमें गैर हिन्दू और सनातनी का प्रवेश निश्चित रूप से वर्जित होना चाहिए।