संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने कहा कि विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस इसके गौरवमयी इतिहास के प्रति श्रद्धा समर्पित करने का दिवस है। वह बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय के 63वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
वेद विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. शुक्ला ने कहा कि यह गौरवमय अतीत को स्मरण करते हुए वर्तमान को सुदृढ़ कर भविष्य को उज्ज्वल बनाने का सत्संकल्प लेने का दिवस है। ऋषि-महर्षियों एवं आचार्यों की तपस्या और उनके अनुग्रह के प्रति आभार प्रकट करने का दिन है। विश्वव्यापी विपदा एवं हमारे सहकर्मी के निधन के कारण हम आज के दिन को उत्सव के रूप में नहीं मना रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत देवी पूजन, गौरी, गणेश पूजन के साथ हुई। विश्वविद्यालय के लाइब्रेरियन डॉ. सूर्यकांत यादव के कोरोना से निधन के कारण स्थापना उत्सव के सभी आयोजन स्थगित कर दिए गए। इस दौरान छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. रामपूजन पांडेय, प्रो. महेंद्र पांडेय तथा संतोष दुबे आदि रहे।