त्व नेत्रा यो काजलम् मम् करोति कांते विद्धम, त्वं सहजम् पादं रक्षे:, मम् हृदयस्पंद ते श्रोणि, मम् पलम्-पलम् प्रति पलम् स्मरणं ते त अयाति रे, हाय तव रूपम् हृदयम् विशयाग्निम ज्वालायते...। यह किसी ग्रंथ का छंद नहीं, बल्कि लोकप्रिय हरियाणवी गाना ‘तेरी आंख्या का यो काजल’ का संस्कृत वर्जन है। सोशल मीडिया पर वाराणसी स्थित बीएचयू के दिव्यांग छात्र का यह वीडियो आजकल तेजी से वायरल हो रहा है।
देवघर में संस्कृत के शोधार्थी व कलाकार पंकज झा द्वारा अनूदित गाने को बीएचयू के दृष्टिबाधित छात्र इंद्रजीत ने आवाज दी है। हरियाणवी जुबान के गाने को संस्कृत के शुद्ध उच्चारण के साथ इंद्रजीत ने ऐसा गाया कि जैसे लग रहा हो असली बोल संस्कृत में ही लिखे गए हों।
इंद्रजीत भोजपुरी गाना ‘अमृत धार केहू केतनो पिआई एगो माई बिना...’ का भी संस्कृत वर्जन जल्द ही ला रहे हैं। इसका अनुवाद उन्होंने खुद ही किया है। बीएचयू के बिड़ला छात्रावास में रहने वाले इंद्रजीत संस्कृत गायन को लेकर इन दिनों इंटरनेट मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। इंद्रजीत का संस्कृत उच्चारण बेहद स्पष्ट और वाणी मधुर है। इसीलिए वह चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।