संकटमोचन संगीत समारोह के कला दीर्घा में जैसे जैसे संगीत समारोह की निशा बढ़ती गई, वैसे वैसे कला दीर्घा में रचनात्मकता अपने नए स्वरूप में नजर आई। कला दीर्घा बीएचयू के न्यूरोलॉजिस्ट प्रो. वीएन मिश्र के निर्देशन व महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र के संरक्षण में लगाई गई।
संकटमोचन संगीत समारोह के शताब्दी वर्ष की कला दीर्घा इस वर्ष भव्य और दिव्य स्वरूप में है। कला दीर्घा में जैसे जैसे संगीत समारोह की निशा बढ़ती गई, वैसे वैसे कला दीर्घा में रचनात्मकता अपने नए स्वरूप में नजर आई। कला दीर्घा में हनुमान जी महाराज के बाल काल से लेकर संपूर्ण कांडों पर अलग अलग 200 पेंटिंग सजाई गई हैं। कला दीर्घा बीएचयू के न्यूरोलॉजिस्ट प्रो. वीएन मिश्र के निर्देशन व महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र के संरक्षण में लगाई गई है।
कला दीर्घा में इस बार केवल देश ही नहीं बल्कि विदेश के कलाकार भी शामिल हुए हैं। स्पेन, बहरीन के अलावा भारत के विभिन्न राज्यों से कलाकारों ने अपनी भावनाओं को कूचियों के माध्यम से कैनवास पर उकेरा है। कला दीर्घा में श्री रामलीला रामनगर की विशेष गैलरी है। इसमें विश्वप्रसिद्ध रामनगर रामलीला से जुड़े 50 छायाचित्र हैं। तस्वीरें बलराम यादव और अरविंद अरुण मिश्रा की हैं। कला दीर्घा को प्रदर्शित कराने में छह वर्षों के बाद बहरीन से लौटे ख्यात कलाकार अनिल शर्मा के अलावा सौरभ कुमार, सुमित श्रीवास्तवा, राहुल सिंह, प्रवीण पटेल, प्रियंका जायसवाल, सुनील विश्वकर्मा, राजेश कुमार की भूमिका है।