पेंटिंग के साथ कलाकार।
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विभूति नारायण सिंह, उस्ताद बिस्मिल्लह खां, पं. रविशंकर, मदन मोहन मालवीय, पं. शिव प्रसाद गुप्त, पं. किशन महाराज, गिरीजा देवी, राजन मिश्रा, रामकृष्ण दास, रामकुमार, जेएम अहिवासी, राशिद खां, रामछाटपार, वलबीर, एम राजू कुमार, धर्मसम्राट करपात्री महाराज, पं. अमरनाथ मिश्र, प्रो. बीरभद्र मिश्र, रामहर्ष सिंह, पं. माधव, जयशंकर प्रसाद, केएन उडुप्पा, कल्लू डोम, दिनेशचंद्र सेठ आदि के अलावा कैंट स्टेशन, राजघाट का पुल, बीएचयू, काशी विद्यापीठ, संस्कृत विश्वविद्यालय, डीएलडब्ल्यू, पहला रेल, विश्वनाथ मंदिर, संकटमोचन, कालभैरव, मणिकर्णिका घाट, रामनगर किला, गोदौलिया चौराहा आदि को एक साथ बनाया गया।
एक लाख में बिकी श्रीरामलला की पेंटिंग
कला वीथिका में श्रीरामलला की पेंटिंग एक लाख रुपये में बिकी। पहली बार यहां पर एक पेंटिंग का इतना दाम मिला है। बीएचयू भारत कला भवन से सेवानिवृत्त हो चुके काशी के ही वरिष्ठ चित्रकार व डॉ. राधाकृष्ण गणेशन ने दो दिन में कागज पर अयोध्या में स्थापित श्रीरामलला को ऑयल पेस्टल और पेंसिल से बनाया था। प्रभु श्रीरामलला आकर्षक छवि देख सभी मुग्ध थे। गुरुवार को एक इंटरटेनमेंट संस्था की संस्थापिका हर्षिता पाठक ने इस खूबसूरत पेंटिंग को एक लाख में खरीदा।