संकट मोचन संगीत समारोह की शुरूआत हो गई। पंडित हरि प्रसाद चौरसिया ने बांसुरी से राग विहाग का स्वर छेड़ा और कार्यक्रम का श्रीगणेश किया। संकट मोचन मंदिर के महंत विशंभर नाथ मिश्र ने पखावज पर साथ दे रहे थे और दर्शक ओत-प्रोत होते दिख रहे थे।
संकट मोचन संगीत समारोह की शुरूआत बुधवार से हुई। आयोजन की शुरूआत बांसुरी की धुनों से हुई। पंडित हरि प्रसाद चौरसिया ने राग विहाग छेड़ा तो वहां मौजूद हर कोई बस इसमें खोकर रह गया। चूंकि ये महावीर हनुमान जी की शरण में थे इसलिए इन्होंने इसके माध्यम से साधना की।
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इनका साथ देने के लिए महंत विशंभर नाथ मिश्र पखावज बजा रहे थे। दर्शक पूरी तरह से भक्ति भाव में डूबे हुए दिखाई दिए। 87 वर्ष के पंडित हरि प्रसाद चौरसिया ने बांसुरी की धुन पर संकट मोचन संगीत समारोह का श्रीगणेश कर दिया है।
शुरू करने से पहले इन्होने कहा कि नमस्कार, 31 साल से यहां आना हो रहा है। महंत जी ने इच्छा रखी कि ये साथ में पखावज बजाएं। तो आप सब जो कहेंगे वो भी राग बजाऊंगा। लेकिन संगीत समारोह की शुरुआत राग बिहाग से करूंगा। ये सुन यहां आए दर्शकों ने हाथ जोड़े उनका स्वागत किया।