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Sakat Chauth 2022 Date: आज माताएं रखेंगी संतान की सुख-समृद्धि-आरोग्यता का व्रत, जानें-महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Fri, 21 Jan 2022 01:01 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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संकष्टी चतुर्थी पर होगी भगवान गणेश की पूजा - फोटो : istock
माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर विघ्नेश्वर गणेश की आराधना होगी। संकष्टी गणेश चतुर्थी पर चंद्रोदय काल में महिलाएं 21 जनवरी को निर्जला व्रत रखेंगी। शास्त्रीय मान्यताओं के मुताबिक, माताएं संतान की दीर्घायु, आरोग्यता, सुख-समृद्धि की कामना के लिए भगवान गणेश की विशेष रूप से उपासना करती हैं।

चंद्रोदय के उपरांत अर्घ्य देकर भगवान गणेश का विधि-विधान से पूजन होगा। काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सदस्य पं. दीपक मालवीय ने बताया कि सनातन संस्कृति में माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश जी की विशेष आराधना की जाती है।

चतुर्थी तिथि 21 जनवरी को सुबह 7.26 बजे से लेकर 22 जनवरी शनिवार की सुबह 7.24 बजे तक रहेगी। वहीं, चंद्रोदय रात 8.39 बजे होगा।  चतुर्थी तिथि में चंद्रोदय काल मिलने से माताएं 21 को व्रत रखेंगी। पुराणों की मानें तो संकटा चौथ के दिन ही भगवान गणेश के जीवन पर सबसे बड़ा संकट आया था। उन्हें हाथी का मस्तक लगाया गया था।
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संकष्टी चतुर्थी पर विघ्नेश्वर गणेश की आराधना - फोटो : istock
संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश का व्रत करने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है। मान्यता है कि संकष्टी चतुर्थी के दिन इसकी कथा सुनने से गणपति की कृपा प्राप्त होती है।
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गणेश जी की प्रतिमा - फोटो : istock
व्रत की पूजन विधि
महिलाएं सुबह स्नान करने के बाद गणेश जी के व्रत का संकल्प लें। रात में नूतन वस्त्र धारण कर भगवान गणेश का पूजन करें। ओम गं गणपतये नम: मंत्र का जाप, गणेश स्तुति, गणेश चालीसा, संकटा चौथ व्रत कथा का श्रवण करें।

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गणेश मंदिर - फोटो : ANI
पूजन में पांच मौसमी फल के साथ ही काली तिल और गुड़ से बने लड्डू, फूल-दुर्वा, अक्षत चढ़ाएं। इसके बाद दुग्ध से चंद्रदेव को अर्घ्य दें। पूजन के पश्चात फलाहार ग्रहण करें।
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गणेश पूजन कार्यक्रम में भक्त। - फोटो : फाइल
व्रत के दिन गणेश मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतार लगती है। संक्रमण के कारण मंदिरों में कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार दर्शन पूजन होंगे। लोहटिया स्थित बड़ा गणेश मंदिर में प्रबंधन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बड़ा गणेश का चतुर्थी को भव्य शृंगार होगा और श्रद्धालुओं को बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश नहीं करेंगे। मंदिर में कोई भी श्रद्धालु एक स्थान पर खड़ा नहीं होगा। 
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गणेश भगवान - फोटो : अमर उजाला
गणेश भगवान के 12 नामों का करते हैं ध्यान
संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी की कम से कम 12 नामों का भी ध्यान करना चाहिए। ताकि भविष्य में आने वाली सभी कठिनाइयों से मुक्ति मिले।  जीवन सुखमय रहे। ये 12 नाम- सुमुख, एकदंत, कपिल, गजकर्णक, लंबोदर, विकट, विघ्न-नाश, विनायक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचंद्र, गजानन। 
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