फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसीः मूल स्वरूप में लाई जाएगी गंगा की नहर, बाढ़ का पानी उतरने के बाद नए सिरे से होगा काम

Thu, 23 Sep 2021 10:36 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में गंगा पार रेती में 11.95 करोड़ रुपये की लागत से 5.3 किमी लंबी और 45 मीटर चौड़ी नहर बनाई गई थी। बाढ़ के दौरान नहर गंगा में समा  गई। इसमें सरकारी विभागों की लापरवाही सामने आई।
विज्ञापन
रेती की तरफ 45 मीटर चौड़ी नहर निर्माण की योजना - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गंगा के अविरल प्रवाह को घाटों पर दबाव बनाए बिना आगे बढ़ाने के लिए रेती के पास बनाई जा रही नहर को मूल स्वरूप में लाया जाएगा। इसमें सरकारी विभागों की लापरवाही की भी जांच होगी और बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही यूपीपीसएल काम शुरू कर देगा। इससे निकलने वाले बालू व मिट्टी के उठान का भी टेंडर जिला प्रशासन करेगा।

विज्ञापन


रामनगर से अस्सी घाट के बीच 45 मीटर चौड़ी नहर को बनाने में हुई लापरवाही का शासन ने भी संज्ञान लिया है। इसमें सिंचाई विभाग की परियोजना को बंधी प्रखंड से एग्रीमेंट कराकर मैकेनिकल खंड से भुगतान के मामले को बेहद गंभीर माना गया है।

इसके अलावा परियोजना की निगरानी व गुणवत्ता जांच के लिए नोडल बनाए गए प्रयागराज के चीफ इंजीनियर का एक बार भी मौके पर निरीक्षण नहीं करना शासन ने लापरवाही मानी है। इस मामले में जुलाई में सेवानिवृत्त हो चुके चीफ इंजीनियर को भी नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा गया है।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

यहां बता दें कि काशी के अर्द्धचंद्राकार घाटों पर गंगा से बढ़ते दबाव को कम करने के लिए गंगा पार रेती की ओर नहर बनाने की परियोजना बनाई गई। इसमें 45 मीटर चौड़ी नहर से गंगा में बनाकर गंगा के प्रवाह को समान किया जाना है।

मगर, सिंचाई विभाग ने 11.95 करोड़ रुपये की इस परियोजना की जिम्मेदारी यूपीपीसीएल की बलिया इकाई को दी गई और इसका एमओयू (समझौता पत्र) सिंचाई विभाग की बंधी खंड से किया गया। बंधी खंड को इस एमओयू की प्रति तक नहीं दी गई और उसे इस परियोजना में शामिल ही नहीं किया गया।

जुलाई महीने में आई बाढ़ में नहर की मिट्टी गंगा में समा कर पूरी परियोजना गंगा की धारा में बह गई। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि  गंगा में बाईपास नहर परियोजना को रिस्टोर करने के लिए यूपीपीसीएल को निर्देश दिया गया है। शासन को भी पूरी रिपोर्ट भेजी गई है और वहां से जांच शुरू कराई गई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें