संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी।
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चारों वेदों के मूलपाठ को संरक्षित करने का कार्य संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय ने शुरू कर दिया। मुंबई में चारों वेदों के मूलपाठ की रिकॉर्डिंग की जा रही है। इसे बॉलीवुड के मशहूर गायक सुरेश वाडेकर की आवाज में रिकॉर्ड किया जा रहा है। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय विंग्स मनोरंजन लिमिटेड स्टूडियो, मुंबई/दुबई और यूट्यूब चैनल भजन इंडिया के साथ एमओयू करेगा।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के वेद विभाग के सहायक आचार्य डॉ. विजय कुमार शर्मा के संयोजकत्व में श्रुतिनि:स्वन: कार्यक्रम के अंतर्गत चारों वेदों के मूलपाठ का संरक्षण किया गया। वेदों की यह मौखिक परंपरा पूरे विश्व पटल पर स्थापित करने के लिए कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के प्रयास से एमओयू कर प्रसिद्ध गायक सुरेश वाडेकर के स्वर और निर्देशन में डॉ. विजय कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में चारों वेदों के मंत्रों की रिकॉर्डिंग कर विश्व पटल पर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के निर्देशानुसार 15 से 18 दिसंबर तक डॉ. विजय कुमार शर्मा ने विंग्स मनोरंजन लिमिटेड स्टूडियो के संस्थापक पंकज रोहरा और सुरेश वाडेकर के साथ मुलाकात कर चर्चा की है। चर्चा के बाद कुछ मंत्रों की रिकॉर्डिंग भी की गई है। शीघ्र ही आगामी माह में करार (एमओयू) कर आगे की कार्यवाही पूरी की जाएगी। कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा इस प्रकार के महनीय कार्यों को करने के लिए पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया गया है। वेदों का संरक्षण इसी विधि से प्रसारित कर जन-जन तक जोड़ा जा सकता है। आज इसी कड़ी में यह प्रयास किया जा रहा है, अनवरत चलता रहेगा।