उन्होंने कहा है कि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में पेयजल एवं सीवरेज का कार्य विशेषज्ञ संस्था जल निगम को दरकिनार करके भवन निर्माण की संस्था उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को आवंटित किया गया है। इसके कारण आवंटित धनराशि के दुरुपयोग की संभावना बढ़ गई है।
प्रदेश में पेयजल एवं सीवरेज का कार्य जल निगम से कराने का शासनादेश जारी किया गया है, लेकिन साठगांठ एवं मिलीभगत कर उक्त कार्य आवास विकास परिषद को आवंटित किया गया है।
आवास विकास के पास काम कराने के लिए तकनीकी विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि विश्वविद्यालय में पेयजल एवं सीवरेज का कार्य विशेषज्ञ संस्था जल निगम से कराने का आदेश संबंधित को देने की कृपा करें।
विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने 31 जुलाई को पत्र भेजकर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव व वित्त अधिकारी को पत्र भेजकर पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन, सीवरेज एवं पंपहाउस व ड्रेनेज चैंबर के निर्माण के लिए प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति की जानकारी दी है। उन्होंने पत्र में 21 नियत, शर्त और प्रतिबंधों के आधार पर कार्य कराने का निर्देश दिया है। इसमें दूसरी शर्त में यह उल्लेख किया गया है कि वाटर सप्लाई एवं सीवरेज संबंधी कार्य सामान्यत: जल निगम द्वारा कराए जाते हैं। इसलिए यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि इस कार्य के लिए नामित कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद के पास सक्षम तकनीकी मैन पावर उपलब्ध हो।
क्या बोले अधिकारी
विश्वविद्यालय में सीवरेज, पाइपलाइन और पंपहाउस का कार्य कराया जाना है। अभी मेरे संज्ञान में नहीं है कि कार्य किस संस्था को आवंटित किया गया है। विश्वविद्यालय में जो भी कार्य हो वह गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। -प्रो. बिहारी लाल शर्मा, कुलपति