खाद्य पदार्थ जांच में मानक से नीचे पाए जाने पर जुर्माने में अधिकतम पांच लाख का प्रावधान है। रैपर और तिथि में कोई गड़बड़ी की गई है तो भी कार्रवाई होती है। इसी तरह वह खाद्य पदार्थ जो सेहत पर असर डालते हैं। ऐसे में छह माह से लेकर आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। खाद्य विभाग के मुताबिक अप्रैल 2024 से लेकर फरवरी 2025 से 353 मामलों में सुनवाई हुई है। इसमें एक करोड़ 67 लाख का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, सजा से जुड़े 81 केस निस्तारित किए गए हैं।
आज से चलेगा विशेष अभियान
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि छह मार्च से पूरे जिले में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए चार टीमें बना दी गई हैं। यह टीमें खोवा और पनीर, दूध के अलावा मिठाइयों के नमूने लेंगी। जो खाद्य पदार्थ खराब होंगे उन्हें मौके पर ही नष्ट कराया जाएगा।
चिकित्साधिकारी डॉ. अतुल सिंह बताते हैं कि मिलावटी खाद्य पदार्थों सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। इनसे पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। एसिडिटी, ज्वॉन्डिस का खतरा रहता है। ऐसे खाद्य पदार्थ लीवर और हृदय को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सबसे ज्यादा असर बच्चों और वृद्ध को होने की संभावना रहती है। ब्लड प्रेशर, शुगर और हृदय रोगी को ज्यादा दिक्कत होती है।