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ये क्या खा गए हम...: दिवाली पर सैंपल लिए, होली में आई रिपोर्ट; मिलावटी खाद्य पदार्थ से सेहत को नुकसान

Thu, 06 Mar 2025 12:02 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

दिवाली में लिए गए सैंपल की रिपोर्ट होली में आई। अब होली में हो रही मिलावट की अगले त्योहार तक ही रिपोर्ट आएगी। तब तक बाजार में खाद्य पदार्थ खप चुके होंगे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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त्योहार पर खरीदारी करते समय आपको खुद ही सतर्क रहना होगा। मिलावटी सामान की पहचान की जिम्मेदारी खुद से करनी होगी। दिवाली पर खाद्य विभाग ने 78 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए थे। इसमें अधिकतर नमूने फेल हो गए, लेकिन इनकी रिपोर्ट फरवरी में आई। तब तक खाद्य पदार्थ बाजार में खप चुके थे। शहर के बड़े प्रतिष्ठान के नमूने तक फेल हो गए। प्रतिष्ठान के कई स्टोर शहर के अलावा चंदौली और आसपास के जनपदों में हैं।

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त्योहार नजदीक आते ही मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं। खाद्य विभाग नमूने भरता है, लेकिन उसकी रिपोर्ट 3-4 महीने में आती है। बड़े मिलावटखोर कुछ लाख रुपये जुर्माना भरकर बच निकलते हैं।

खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त कौशलेंद्र शर्मा ने बताया कि विभाग ने पिछले साल निरीक्षण के दौरान करीब तीन क्विंटल मिठाई जब्त की थी। 78 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे। खोवा और पनीर के नमूने सालभर लिए गए हैं। अप्रैल 2024 से फरवरी तक खोवा के 309 और पनीर के 342 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा चुके हैं।

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क्या है कार्रवाई का प्रावधान

खाद्य पदार्थ जांच में मानक से नीचे पाए जाने पर जुर्माने में अधिकतम पांच लाख का प्रावधान है। रैपर और तिथि में कोई गड़बड़ी की गई है तो भी कार्रवाई होती है। इसी तरह वह खाद्य पदार्थ जो सेहत पर असर डालते हैं। ऐसे में छह माह से लेकर आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। खाद्य विभाग के मुताबिक अप्रैल 2024 से लेकर फरवरी 2025 से 353 मामलों में सुनवाई हुई है। इसमें एक करोड़ 67 लाख का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, सजा से जुड़े 81 केस निस्तारित किए गए हैं।

आज से चलेगा विशेष अभियान
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि छह मार्च से पूरे जिले में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए चार टीमें बना दी गई हैं। यह टीमें खोवा और पनीर, दूध के अलावा मिठाइयों के नमूने लेंगी। जो खाद्य पदार्थ खराब होंगे उन्हें मौके पर ही नष्ट कराया जाएगा।
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ब्लड प्रेशर, शुगर और हृदय रोगियों की बढ़ जाती हैं दिक्कतें

चिकित्साधिकारी डॉ. अतुल सिंह बताते हैं कि मिलावटी खाद्य पदार्थों सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। इनसे पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। एसिडिटी, ज्वॉन्डिस का खतरा रहता है। ऐसे खाद्य पदार्थ लीवर और हृदय को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सबसे ज्यादा असर बच्चों और वृद्ध को होने की संभावना रहती है। ब्लड प्रेशर, शुगर और हृदय रोगी को ज्यादा दिक्कत होती है।
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