सीबीआई ने जिन दो आला अफसरों व 17 लोको पायलट सहित 26 रेलकर्मियों को गिरफ्तार किया था, वे सभी निलंबित कर दिए गए। दूसरी तरफ, रेलवे बोर्ड ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। विभागीय जांच में रेल मंडल के आला अधिकारियों की भूमिका जांची जाएगी। जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के नियमावली अनुसार, यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के ऊपर पुलिस या अन्य जांच एजेंसियां रिपोर्ट दर्ज करती हैं तो उसे निलंबित माना जाएगा। सीबीआई ने पदोन्नति की परीक्षा का पेपर लीक करने में 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच कर रही है। अलग-अलग आरोपियों के पास से एक करोड़ से ज्यादा की नकदी भी बरामद की गई थी। भ्रष्टाचार से जुड़े इतने बड़े मामले में मंडल के रेल अफसर चुप्पी साधे हैं। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। ज्यादातर के चेहरे पर सीबीआई की कार्रवाई का भय साफ दिख रहा है।