पुलिस के अनुसार, कस्टडी रिमांड मंजूर होने पर आकांक्षा की आत्महत्या की वजह के संबंध में समर सिंह से विस्तार से पूछताछ की जाएगी। अब तक की पूछताछ में समर से कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी है। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही उसका डेटा भी रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है।
सारनाथ स्थित एक होटल के कमरे में बीते 26 मार्च की सुबह आकांक्षा दुबे फंदे से लटकी मिली थीं। आकांक्षा को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी आजमगढ़ के मेंहनगर निवासी समर सिंह को गाजियाबाद से बीते छह अप्रैल की देर रात गिरफ्तार किया गया था। समर को 8 अप्रैल की शाम रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेजा गया।
जिला जेल प्रशासन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि शनिवार को कारागार में दाखिल होने के बाद क्वारंटीन बैरक में रखा गया समर सिंह गुमसुम है। बैरक में मौजूद अन्य बंदियों से वो बातचीत नहीं कर रहा है। रविवार देर रात तक वह अपने सोने की जगह पर बैठा ही हुआ था। सोमवार सुबह भी वह बंदियों से कन्नी काटता रहा।
इस बीच समर को जानने वाले बंदियों ने उससे दुआ-सलाम भी किया, लेकिन उसने किसी को जवाब नहीं दिया। रविवार कोसमर ने जेल की कैंटीन से चाय और समोसा खरीदा था। मुलाकात करने के लिए उसका कोई परिजन जिला जेल नहीं पहुंचा था। उधर, आकांक्षा दुबे को आत्महत्या के लिए उकसाने के एक अन्य आरोपी आजमगढ़ के बिलरियागंज क्षेत्र के गद्दोपुर गांव निवासी संजय सिंह की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है।